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चंद्रदेव से मेरी बातें- बंगमहिला / राजेंद्र बाला घोष

बंग महिला (राजेन्द्रबाला घोष) की यह रचना कहानी के रूप में 1904 में सरस्वती में प्रकाशित हुई थी। कुछ विद्वानों के मतानुसार यह एक रोचक निबन्ध है. यह कहानी सन् 1904 में सरस्वती पत्रिका में प्रकाशित हुई थी. इस कहानी में नायिका द्वारा चन्द्रदेव को एक पत्र लिखा गया है जिसमें तत्कालीन व्यवस्था पर करार व्यंग्य किया गया है. … Continue readingचंद्रदेव से मेरी बातें- बंगमहिला / राजेंद्र बाला घोष

दुलाईवाली- बंगमहिला/राजेंद्र बाला घोष

दुलाईवाली कहानी बंगमहिला जिनका सही नाम राजेंद्र बाला घोष था, द्वारा लिखी गई कहानी है. यह कहानी हिंदी की शुरुआती कहानियों में से है. इसका प्रकाशन सन् 1907 में सरस्वती पत्रिका में हुआ था. इस कहानी में नायक ‘नवलकिशोर’ के द्वारा अपने मित्र बंशीधर के साथ किए गए मजाक का रोचक वर्णन है. … Continue readingदुलाईवाली- बंगमहिला/राजेंद्र बाला घोष