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कवि कृष्णचंद्र रोहणा की रचनाओं में सामाजिक न्याय एवं जाति विमर्श

महात्मा ज्योतिराव फूले ने स्वयं शिक्षा प्राप्त की एवं उस शिक्षा का प्रयोग समाज से जुल्म को समाप्त करने में किया| मानव से मानव द्वारा घृणा के वे घोर विरोधी थे| समाज में छुआछूत जैसे कलंक की समाप्ति के लिए महात्मा फूले ने सामाजिक आन्दोलन भी किये| फूले जी मानते थे कि सभी का हक़ बराबर है| कोई भी छोटा या बड़ा नहीं है| सभी को समान रूप से सम्मान मिलना चाहिए| (लेख से) … Continue readingकवि कृष्णचंद्र रोहणा की रचनाओं में सामाजिक न्याय एवं जाति विमर्श