Tag: प्रोफेसर सुभाष चंद्र

उत्पीड़न घटना नहीं, बल्कि एक विचारधारा है

धर्म के क्षेत्र में भक्ति आत्मा की मुक्ति और मोक्ष का मार्ग हो सकता है , लेकिन राजनीतिक क्षेत्र में भक्ति या नायक पूजा पतन और तानाशाही का मार्ग होता है।उत्पीड़न घटना नहीं, बल्कि एक विचारधारा है। हम उत्पीड़न की जब हम बात करते हैं तो हम घटनाओं की बातकरते है तो उसकी जड़की और विमर्श की बात नहीं करते। … Continue readingउत्पीड़न घटना नहीं, बल्कि एक विचारधारा है

हिंदी साहित्य अध्ययन-अध्यापनः चुनौतियां और सरोकार- डा. सुभाष चंद्र

Post Views: 2,101  1922-25 के आस-पास बी.एच.यू. और इलाहाबाद में हिन्दी विभाग खुलने शुरू हुए थे। अभी  उच्च शिक्षा में एक विषय के तौर पर हिंदी साहित्य-अध्ययन के सौ साल

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उत्तर आधुनिकता पर साक्षात्कार – डा. ओम प्रकाश ग्रेवाल

Post Views: 811 उत्तर आधुनिकता के बारे में प्रख्यात समीक्षक व विचारक डा. ओम प्रकाश ग्रेवाल से लोक संस्कृतिविद डा. कर्मजीत सिंह का संवाद जिसका पंजाबी से अनुवाद किया है

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उच्च शिक्षा : अपेक्षाएं और चुनौतियां – डा. सुभाष चंद्र

शिक्षा सांस्कृतिक प्रक्रिया है, समाजीकरण का माध्यम, शक्ति का स्रोत और शोषण से मुक्ति का मार्ग है। शिक्षा का व्यक्ति और समाज के विकास से गहरा रिश्ता है, विशेषकर आज की ज्ञान केन्द्रित व नियन्त्रित दौर में। समाज के विकास और बदलाव के साथ साथ शिक्षा व ज्ञान का चरित्र भी बदला है। शिक्षा-विमर्श के मुद्दे भी बदले हैं। … Continue readingउच्च शिक्षा : अपेक्षाएं और चुनौतियां – डा. सुभाष चंद्र