उत्पीड़न घटना नहीं, बल्कि एक विचारधारा है

धर्म के क्षेत्र में भक्ति आत्मा की मुक्ति और मोक्ष का मार्ग हो सकता है , लेकिन राजनीतिक क्षेत्र में भक्ति या नायक पूजा पतन और तानाशाही का मार्ग होता है।उत्पीड़न घटना नहीं, बल्कि एक विचारधारा है। हम उत्पीड़न की जब हम बात करते हैं तो हम घटनाओं की बातकरते है तो उसकी जड़की और विमर्श की बात नहीं करते।

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लोकतंत्र व सामाजिक न्याय की शत्रु है – मॉब लींचिंग

गतिविधियां डॉ ओम प्रकाश ग्रेवाल अध्ययन संस्थान ,कुरुक्षेत्र की सामाजिक न्याय समिति की तरफ से 9अगस्त 2018 को ‘माब लींचिंग -भारत छोड़ो’ विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी…