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प्रेमचंद : हिन्दी के जातीय स्वरूप के सच्चे पारखी – अमरनाथ

Post Views: 15 जन्मदिन पर विशेष  प्रेमचंद का भाषा- चिन्तन जितना तार्किक और पुष्ट है उतना किसी भी भारतीय लेखक का नहीं है. ‘साहित्य का उद्देश्य’ नाम की उनकी पुस्तक…

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ईदगाह- प्रेमचन्द

‘ईदगाह’ प्रेमचन्द की अत्यंत प्रचलित कहानी है. इसका प्रकाशन सन्1933 में चाँद पत्रिका में हुआ. इस कहानी का नायक एक गरीब-अनाथ बच्चा हामिद है जो गरीबी और अभावों के कारण अपनी मासूमियत खोकर बचपन में ही बड़ों की तरह व्यवहार करने लगता है. यह कहानी प्रेमचन्द की बाल मनोविज्ञान की बेहतरीन समझ का नमूना है.

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गुल्‍ली-डंडा – प्रेमचंद

Post Views: 10 हमारे अँग्रेजी दोस्त मानें या न मानें मैं तो यही कहूँगा कि गुल्ली-डंडा सब खेलों का राजा है। अब भी कभी लड़कों को गुल्ली-डंडा खेलते देखता हूँ,…

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ईदगाह – प्रेमचंद

Post Views: 8 रमजान के पूरे तीस रोजों के बाद ईद आयी है। कितना मनोहर, कितना सुहावना प्रभाव है। वृक्षों पर अजीब हरियाली है, खेतों में कुछ अजीब रौनक है,…

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मानसिक पराधीनता – प्रेमचंद

Post Views: 14 हम दैहिक पराधीनता से मुक्त होना तो चाहते हैं, पर मानसिक पराधीनता में अपने-आपको स्वेच्छा से जकड़ते जा रहे हैं। किसी राष्ट्र या जाति का सबसे बहुमूल्य…

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अंध विश्वास – प्रेमचंद

Post Views: 19 हिन्दू-समाज में पुजने के लिए केवल लंगोट बांध लेने और देह में राख मल लेने की जरूरत है; अगर गांजा और चरस उड़ाने का अभ्यास भी हो…

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प्रेमचंद निरंतर प्रासंगिक रहेंगे – महादेवी वर्मा

Post Views: 9 [11-12 अप्रैल 81 को नागरी प्रचारिणी सभा, आरा में आयोजित प्रेमचंद-जन्म शताब्दी समारोह के लिये प्रेषित हिन्दी को सुप्रसिद्ध कवयित्री श्रीमती महादेवी वर्मा का उद्घाटन भाषण] समागत…

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प्रेमचन्द का महत्व – आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी

Post Views: 27 डॉ० हजारीप्रसाद द्विवेदी आधुनिक हिन्दी साहित्य के गंभीर अन्वेषक और मौलिक चिंतक हैं। आपकी रचनाओं में पांडित्य और सरसता का सुन्दर सामंजस्य पाया जाता है। बाणभट्ट की…