Tag Archives: नरेश कुमार

 गहरे सामाजिक सरोकारों से जुड़े थे प्रोफेसर सूरजभान

नरेश कुमार जाने-माने इतिहासकार, पुरातत्ववेता और समाज सुधारक प्रोफेसर सूरजभान 14 जुलाई 2010 को हमारे बीच से चले गए। प्रोफेसर सूरजभान का जन्म 1 मार्च 1931 को मिंटगुमरी (एकीकृत पंजाब)जिला के देहात 51 चक में हुआ। उनके पिताजी सेना में नौकरी करते थे।         प्रोफेसर सूरजभान ने अपनी प्राईमरी परीक्षा अरफ ( मिंटगुमरी) से पास की, मैट्रिक तक की शिक्षा

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ज़ज़्बे की पाठशाला- गांधी स्कूल रोहतक

नरेश कुमार शिक्षा व्यक्ति व समाज के विकास का माध्यम है। अपने बच्चों को सर्वश्रेष्ठ स्कूल में प्रवेश और कक्षा में सर्वोच्च स्थान पर लाने की होड़ इस दौर की सबसे बड़ी प्रतियोगिताओं में से एक है। अभिभावकों की उम्मीदें बच्चों के स्वाभाविक विकास को कुचल रही हैं। इस दौर में अभिभावकों की अपने बच्चों को बड़े आर्थिक पैकेज और

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इज्जत की खातिर

नरेश कुमार  मां, सुन, रात को बबली और सोनिया की मौत हो गई। हां, बेटी ,उनके घर वाले कह रहे थे कि कल रात दोनों की पेट दर्द होने से मौत हो गई। मां, क्या इतना तेज दर्द होने पर भी उन्हें डाक्टर के पास नहीं ले गए? क्या पता बेटी, इनका परिवार ऐसा ही है, कभी अपने घर की

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वो रात को लाहौर चले गए

नरेश कुमार भरतो इस साल चौरासी पार कर जाएगी। 15 वर्ष की उम्र में शादी हो गई थी। साढ़े  सोलह की उम्र में पहली बेटी को जन्म दिया। अपने हल्के-फुल्के शरीर को लिए भरतो आस-पड़ोस की हमउम्र साथिनों का हाल-चाल पूछती रहती। अपनी चार साथिनों से भरतो उम्र में सबसे बड़ी दिखती है। उसकी याददाश्त पर उम्र की जरा भी

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नरेश कुमार – हरियाणा में स्कूली शिक्षा की बिगड़ती स्थिति

हरियाणा में स्कूली शिक्षा की तस्वीर आए दिन लगातार धुंधली होती जा रही है। हाल ही में राज्य सरकार ने प्रदेश में 25 हजार नए शिक्षकों की नियुक्ति का ऐलान किया है। पिछले दिनों से नए शिक्षकों की भर्ती के लिए आ रही नए-नए नियमों की खबरें असमंजस की स्थिति में ही बढ़ोतरी कर रही है। इन शिक्षकों की भर्ती

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नरेश कुमार – हरियाणा में प्रवासी मजदूर

सामाजिक न्याय हरियाणा इस वर्ष अपनी स्वर्ण जयंती मना रहा है। ये 50 साल हर क्षेत्र में हुए बदलावों के गवाह हैं। हरित क्रांति के प्रभावों से कृषि पैदावार में गुणात्मक बढ़ोतरी हुई थी और  कृषक आबादी को बदहाली से उबरने मे कुछ राहत मिली थी। नब्बे के दशक तक प्रदेश की किसान-आबादी कृषि कार्यों में जी तोड़ मेहनत में

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