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सेक्युलरिज़म अथवा धर्मनिरपेक्षता – रमणीक मोहन

Post Views: 18 { इस लेख के मूल में यह विचार है कि पश्चिमी देशों में भी (जहाँ से असल में सेक्युलरिज़म का सिद्धांत आया) यह सिद्धांत तमाम कोशिशों के…

मैं हिन्दू, मेरा देश हिंदुस्तान पर यह हिन्दू राष्ट्र न बने – राजेंद्र चौधरी

असली लड़ाई सब के लिए शांति, सम्मान, आर्थिक सुरक्षा और न्याय की है. रोज़गार की है, सरकारी नौकरी की नहीं अपितु गरिमामय एवं सुरक्षित रोज़गार एवं व्यवसाय की है. और शायद अब तो सब से बड़ी लड़ाई साफ़ हवा और पानी की है. पर हिन्दू राष्ट्र जैसे मुद्दे हमें इन मुद्दों पर ध्यान केन्द्रित ही नहीं करने देते. कभी मंदिर, कभी घरवापसी, कभी लव ज़िहाद इत्यादि मुद्दों पर ही हमारा ध्यान लगा रहता है.

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विकल्प की कोई एक अवधारणा नहीं – डा. ओमप्रकाश ग्रेवाल

Post Views: 208  विकल्प का सवाल आज पहले से भी जटिल हो गया है, लेकिन विकल्प की अनिवार्यता में कोई अन्तर नहीं आया है। आप ने इस परिचर्चा का विषय…