Tag: द्रोणाचार्य

एकलव्य का लेख

Post Views: 839 सरबजीत सोही गुस्ताखी माफ करना गुरु जी! मैं कहना तो नहीं चाहता, पर हर जन्म में आपने छला है, मेरी प्रतिभा को, कभी शुद्र का सूत कह

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दलित जब लिखता है

सुनो ब्राह्मण – और सफेद हाथी
मलखान सिंह की कविताएं
हरियाणा सृजन उत्सव में 24 फरवरी 2018 को ‘दलित जब लिखता है’ विषय पर परिचर्चा हुई। प्रख्यात दलित कवि मलखान सिंह ने अपने अनुभवों के माध्यम से भारतीय समाज व दलित साहित्य से जुड़े ज्वलंत और विवादस्पद सवालों पर अपने विचार प्रस्तुत किए और दो कविताएं सुनाई … Continue readingदलित जब लिखता है