Tag: दोस्तो! क्या क्या दिवाली में निशातो-ऐश है

दिवाली पर कविताएँ – नज़ीर अकबराबादी

जहां में यारो अजब तरह का है यह त्यौहार।
किसी ने नक़द लिया और कोई करे है उधार।
खिलौने खीलों बताशों का गरम है बाजार।
हर एक दुकां में चिराग़ों की हो रही है बहार।
सभों को फ़िक्र है अब जा बजा दिवाली का … Continue readingदिवाली पर कविताएँ – नज़ीर अकबराबादी