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बाम्हनों के स्वार्थी ग्रंथों की चतुराई के बारे में

Post Views: 526 जोतिबा फुले यह          लेप की गरमी में अंगडाई ले सोवे। नींद कहां से आवे। आलसी को।। वह          ओस से भीगी खेत की मेंड पर। बैलों को…

पंज प्यारे – जातिवाद पर कड़ा प्रहार और जनवाद का प्रतीक

अपना शीश देने के लिए तैयार हुए पांचों व्यक्तियों में से ज्यादा समाज द्वारा नीची समझी जाने वाली जातियों में थे और खासतौर पर दस्तकार थे। उनमें से एक खत्री था, एक जाट, एक धोबी, एक नाई और एक कुम्हार था। इस से पता चलता है कि गुरु गोबिंद सिंह जी को तमाम जातियों और खासकर छोटी समझी जाने वाली जनता का अपार समर्थन था। उसे मेहनतकश किसान और मजदूरों का समर्थन हासिल था। उसे व्यापारी वर्ग का समर्थन था।

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अछूत समस्या – विद्रोही उर्फ भगत सिंह

Post Views: 1,120 अछूत समस्या – पीडीएफ डाउनलोड करें शहीद भगत सिंह ने जब यह लेख लिखा वह मात्र 16 वर्ष के किशोर थे। लेकिन इस लेख से हम अंदाजा…

बेगमपुरा – एक ऐसा देश जहां कोई गम न हो – गुरु रविदास

Post Views: 1,145 अर्शदीप यह एक राजनीतिक-आर्थिक-सामाजिक अवधारणा है। इसका प्रतिपादन भक्तिकाल के महान संत श्री गुरु रविदास (1433-1577*)जी ने अपनी वाणियों के जरिये किया था. उनका एक शब्द नीचे…

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दलित प्रेम का आशय – ‘प्रेमकथा एहि भांति बिचारहु’ – बजरंग बिहारी तिवारी

Post Views: 330 बजरंग बिहारी तिवारी प्रेम की सामर्थ्य देखनी हो तो संतों का स्मरण करना चाहिए। संतों में विशेषकर रविदास का। प्रेम की ऐसी बहुआयामी संकल्पना समय से बहुत…

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सावित्रीबाई फुले: आधुनिक भारत की प्रथम शिक्षिका

Post Views: 668 प्रमोद दीक्षित ‘मलय‘ .भारतवर्ष में 19वीं शताब्दी का उत्तरार्ध शैक्षिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक आंदोलनों एवं समाज में व्याप्त अस्पृश्यता, बाल विवाह, सती प्रथा, कन्या भ्रूण हत्या एवं…

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वैचारिक एवं वैज्ञानिक संघर्ष के पुरोधा क्रांति पुरुष महामना रामस्वरूप वर्मा

Post Views: 436 एडवोकेट रवीन्द्र कुमार कटियार निष्कलंक, निष्पक्ष, स्वयं चेता मानवतावादी! लोभ नहीं धन, पद का चिंतक, त्यागी, समतावादी! जिसके तर्क अकाट्य विरोधी भी सुनते हों आतुर! किया असंभव…

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हरियाणा में अनुसूचित जाति आयोग – सुरेंद्र पाल सिंह

Post Views: 539 सुरेंद्र पाल सिंह  हरियाणा में जाति आधारित शोषण-उत्पीड़न अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय रहा। सामाजिक स्तर पर बहुत जघन्य कांड  हरियाणा के समाज ने देखे। शासकीय…