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वेटिंग फॉर वीजा – डॉ. भीम राव आंबेडकर

Post Views: 797 ‘वेटिंग फॉर वीजा ‘ डॉ. भीम राव आंबेडकर डॉ. भीमराव आंबेडकर की पुस्तिका ‘वेटिंग फॉर वीजा’ संयुक्त राज्य अमेरिका के कोलंबिया विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम में शामिल है।…

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‘वेटिंग फॉर वीजा ‘ – डॉ. भीम राव आंबेडकर

Post Views: 261 ‘वेटिंग फॉर वीजा ‘ डॉ. भीम राव आंबेडकर डॉ. भीमराव आंबेडकर की पुस्तिका ‘वेटिंग फॉर वीजा’ संयुक्त राज्य अमेरिका के कोलंबिया विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम में शामिल है।…

उत्पीड़न घटना नहीं, बल्कि एक विचारधारा है

धर्म के क्षेत्र में भक्ति आत्मा की मुक्ति और मोक्ष का मार्ग हो सकता है , लेकिन राजनीतिक क्षेत्र में भक्ति या नायक पूजा पतन और तानाशाही का मार्ग होता है।उत्पीड़न घटना नहीं, बल्कि एक विचारधारा है। हम उत्पीड़न की जब हम बात करते हैं तो हम घटनाओं की बातकरते है तो उसकी जड़की और विमर्श की बात नहीं करते।

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बाम्हनों के स्वार्थी ग्रंथों की चतुराई के बारे में

Post Views: 520 जोतिबा फुले यह          लेप की गरमी में अंगडाई ले सोवे। नींद कहां से आवे। आलसी को।। वह          ओस से भीगी खेत की मेंड पर। बैलों को…

पंज प्यारे – जातिवाद पर कड़ा प्रहार और जनवाद का प्रतीक

अपना शीश देने के लिए तैयार हुए पांचों व्यक्तियों में से ज्यादा समाज द्वारा नीची समझी जाने वाली जातियों में थे और खासतौर पर दस्तकार थे। उनमें से एक खत्री था, एक जाट, एक धोबी, एक नाई और एक कुम्हार था। इस से पता चलता है कि गुरु गोबिंद सिंह जी को तमाम जातियों और खासकर छोटी समझी जाने वाली जनता का अपार समर्थन था। उसे मेहनतकश किसान और मजदूरों का समर्थन हासिल था। उसे व्यापारी वर्ग का समर्थन था।

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अछूत समस्या – विद्रोही उर्फ भगत सिंह

Post Views: 1,083 अछूत समस्या – पीडीएफ डाउनलोड करें शहीद भगत सिंह ने जब यह लेख लिखा वह मात्र 16 वर्ष के किशोर थे। लेकिन इस लेख से हम अंदाजा…

बेगमपुरा – एक ऐसा देश जहां कोई गम न हो – गुरु रविदास

Post Views: 809 अर्शदीप यह एक राजनीतिक-आर्थिक-सामाजिक अवधारणा है। इसका प्रतिपादन भक्तिकाल के महान संत श्री गुरु रविदास (1433-1577*)जी ने अपनी वाणियों के जरिये किया था. उनका एक शब्द नीचे…

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दलित प्रेम का आशय – ‘प्रेमकथा एहि भांति बिचारहु’ – बजरंग बिहारी तिवारी

Post Views: 299 बजरंग बिहारी तिवारी प्रेम की सामर्थ्य देखनी हो तो संतों का स्मरण करना चाहिए। संतों में विशेषकर रविदास का। प्रेम की ऐसी बहुआयामी संकल्पना समय से बहुत…