Tag: डा. सुभाष सैनी

जिंदगी की धूप में अब जल रहा है आदमी -डा. सुभाष सैनी

Post Views: 132  ग़ज़ल जिंदगी की धूप में अब जल रहा है आदमी शूल हैं राहों में लेकिन चल रहा है आदमी भीड़, हिंसा, कर्फ्यू लाशें और निरन्तर बेबसी अब

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सब के अपने दर्द हैं दुश्वारियां हैं बेहिसाब – डा. सुभाष सैनी

Post Views: 178 ग़ज़ल सब के अपने दर्द हैं दुश्वारियां हैं बेहिसाब हर किसी से पूछते हो क्यों सवालों के जवाब जि़ंदगी में ग़म मिले तो $गम न करना दोस्तो

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बहुत मिले भड़कीले लोग – डा. सुभाष सैनी

Post Views: 129 ग़ज़ल बहुत मिले भड़कीले लोग लाल, गुलाबी, पीले लोग हम ही मोम सरीखे थे सभी मिले पथरीले लोग पास आकर डस लेते हैं ऐसे हैं ज़हरीले लोग

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तरसा होगा वो जि़ंदगी के लिए – डा. सुभाष सैनी

Post Views: 149 ग़ज़ल तरसा होगा वो जि़ंदगी के लिए जिस ने सोचा है खुदकुशी के लिए दुश्मनी क्यों किसी से की जाए जि़ंंदगी तो है दोस्ती के लिए देखकर

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