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जिनके दिल मैं भरग्ये खटके-रिसाल जांगड़ा

Post Views: 215 हरियाणवी ग़ज़ल जिनके दिल मैं भरग्ये खटके, अपणी मंजिल तै वैं भटके। देख बुढापा रोण पड़ग्या, याद आवैं जोबन के लटके। जिनके ऊंचे कर्म नहीं थे, वैं…