Tag: जा बसे निरंजन राय

जा बसे निरंजन राय -कबीर

Post Views: 572 साखी – कस्तूरी कुण्डली बसे, मृग ढूंढे वन माहि। जैसे राम घट-घट बसे, दुनिया जाने नाही।। जा बसे निरंजन राय, बैकुण्ठ कहां मेरे भाई। चरण – कितना

Continue readingजा बसे निरंजन राय -कबीर