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जलियांवाला बाग का बसन्त – सुभद्राकुमारी चौहान

  यहाँ कोकिला नहीं, काग हैं, शोर मचाते, काले काले कीट, भ्रमर का भ्रम उपजाते। कलियाँ भी अधखिली, मिली हैं कंटक-कुल से, वे पौधे, व पुष्प शुष्क हैं अथवा झुलसे।…

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शहीद उधम सिंह का मुकद्दमा

उधम सिंह का मुकद्दमा (4 जून 1940 को ओल्ड बैले की केंद्रीय अपराध अदालत में शुरू हुआ) ताज बनाम उधम सिंह जज : एंटकिंसन अदालती कारवाई का नेतृत्व कर रहा…

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ऊधम सिंह नै सोच समझ कै – रणबीर सिंह दहिया

रागनी ऊधम सिंह नै सोच समझ कै करी लन्दन की जाने की तैयारी।। राम मुहम्मद नाम धरया और पास पोर्ट लिया सरकारी।। किस तरियां जालिम डायर थ्यावै चिन्ता थी दिन…

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धांय धांय धांय होई उड़ै(शहीद उधम सिंह) – रणबीर सिंह दहिया

रागनी धांय धांय धांय होई उड़ै दनादन गोली चाली थी। कांपग्या क्रैक्सटन हाल सब दरवाजे खिड़की हाली थी।। पहली दो गोली दागी उस डायर की छाती के म्हां मंच तै…