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गहराई तक जावण म्हं बखत तो लागै सै -रिसाल जांगड़ा

Post Views: 136 हरियाणवी ग़ज़ल रिसाल जांगड़ा   गहराई तक जावण म्हं बखत तो लागै सै। सच्चाई उप्पर ल्यावण म्हं बखत तो लागै से।   करैग जादां तावल जे उलझ…