Tag: कविता

साबिर अली साबिर की कविताएँ, अनुवाद – सुरेन्द्र पाल सिंह

Post Views: 45 हालाँकि साबिर अली साबिर पकिस्तान के रहने वाले हैं, लेकिन साबिर की लोकप्रियता अब किसी देश की काल्पनिक सीमाओं की मोहताज नहीं रही। व्यापक मानवीय सरोकारों के

Continue readingसाबिर अली साबिर की कविताएँ, अनुवाद – सुरेन्द्र पाल सिंह

हरयाणवी गज़लें – मंगत राम शास्त्री

Post Views: 140 लम्बे अरसे से मंगत राम शास्त्री हरियाणवी ग़ज़ल लिख रहे हैं। इनकी रचनाओं में पोलिटिकल फंडामेंटलिज्म के प्रति सचेत विरोध है। इसके अलावा शास्त्री की गज़लें अपने

Continue readingहरयाणवी गज़लें – मंगत राम शास्त्री

हे कविता के तीर्थ – सुरजीत पातर

Post Views: 48 अभी 12 मार्च को जब संजीव जी को साहित्य अकादमी दिया गया तो उस सभागार में पातर जी बहुत बातें की थी, कविताएँ भी सुनीं और खुशकिस्मती

Continue readingहे कविता के तीर्थ – सुरजीत पातर

अक़्लमंद हो तो क्या लिखो ? – हिमांशु कुमार दंतेवाड़ा

Post Views: 41 ‘रूप, रंग, गंध लिखो मन की उड़ान हो गई जो स्वच्छंद लिखो तितली लिखो, फूल लिखोरेशम लिखो, प्रेम लिखोजो भी लिखोप्रशंसा, पैसा और सम्मान के ज़रूरतमंद लिखोचमक

Continue readingअक़्लमंद हो तो क्या लिखो ? – हिमांशु कुमार दंतेवाड़ा

भगत सिंह की कुरबानी पर आल्हा गाने निकला हूँ – शैलेन्द्र सिंह

Post Views: 80 भगत सिंह की कुरबानी पर आल्हा गाने निकला हूँ,आज़ादी के दर्पण की मैं धूल हटाने निकला हूँ।शत-शत कोटिक नमन लेखनी भगत सिंह की करनी को,ऐसा बालक जनने

Continue readingभगत सिंह की कुरबानी पर आल्हा गाने निकला हूँ – शैलेन्द्र सिंह

मध्यकालीन कविता में सांस्कृतिक समन्वय – प्रो. सुभाष चन्द्र

Post Views: 64 संस्कृति जड़ वस्तु नहीं होती और न यह स्थिर रहती है, बल्कि यह हमेशा परिवर्तनशील है। संस्कृतियों के मिलन से नए बदलाव होते हैं, जिससे किसी देश या समुदाय

Continue readingमध्यकालीन कविता में सांस्कृतिक समन्वय – प्रो. सुभाष चन्द्र

गज़लें – मेहरू

Post Views: 90 “उजाले हर तरफ होंगे” ग़ज़ल संग्रह के रूप में देसहरियाणा ने मनजीत भोला की प्रगतीशील मूल्यों की रचनाएं प्रकाशित की थी। उन ग़ज़लों को प्रदेश और प्रदेश

Continue readingगज़लें – मेहरू

लाल सिंह दिल की कुछ अप्रकाशित कविताएं (अनुवाद – जयपाल)

Post Views: 41 कवि लाल सिंह दिल पंजाब के प्रगतिशील साहित्य के आन्दोलन के एक बड़े कवि माने जाते हैं। उनका जन्म पंजाब के रामदासिया (चमार) समुदाय के एक गरीब

Continue readingलाल सिंह दिल की कुछ अप्रकाशित कविताएं (अनुवाद – जयपाल)

संत राम उदासी की कविताएँ

Post Views: 44 20 अप्रैल 1930 को जन्मे संत राम उदासी भूमिहीन मजहबी पृष्ठभूमि के एक सिख कवि थे। उन्होंने उस समय वह कविता लिखी जिसे आज हम दलित कविता

Continue readingसंत राम उदासी की कविताएँ

कविताएँ – ईशम सिंह

Post Views: 112 हाल ही में युवा कवि विनोद की दलित कविताएँ प्रकाशित हुई थी। उन कविताओं की सराहना की गई। हरियाणा की हिंदी कविता में ईशम सिंह दलित विमर्श

Continue readingकविताएँ – ईशम सिंह