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आग -सुरेश बरनवाल

Post Views: 220 कविता यह घटना थी या वारदात या युद्ध। बहुत कुछ जला था तब हरियाणा में दुकानें, इन्सानियत मासूमियत स्कूल, किताबें। जिन्होंने दुकानें जलाईं वह नहीं हो सकते…