उत्पीड़न घटना नहीं, बल्कि एक विचारधारा है

धर्म के क्षेत्र में भक्ति आत्मा की मुक्ति और मोक्ष का मार्ग हो सकता है , लेकिन राजनीतिक क्षेत्र में भक्ति या नायक पूजा पतन और तानाशाही का मार्ग होता है।उत्पीड़न घटना नहीं, बल्कि एक विचारधारा है। हम उत्पीड़न की जब हम बात करते हैं तो हम घटनाओं की बातकरते है तो उसकी जड़की और विमर्श की बात नहीं करते।

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हरियाणा सृजन उत्सव 2019, कार्यक्रम

तीसरे हरियाणा सृजन उत्सव  का आगाज हो चुका है। हर वर्ष यह कार्यक्रम फरवरी के महीने में कुरूक्षेत्र में आयोजित किया जाता है। यह एक साहित्यिक-सांस्कृतिक और समाजिक गतिविधियों का कार्यक्रम…

कृषि क्षेत्र और किसानों का दोहन करने वाला कारोबारी मीडिया -अनिल चमड़िया

आलेख राजस्थान के किसान गजेन्द्र सिंह ने दिल्ली के जंतर मंतर पर फांसी लगा ली। टेलीविजन और अखबारों में बड़े बड़े अक्षरों में खबर छप गई। उत्तर प्रदेश के भट्टा…