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‘हम नहीं रोनी सूरत वाले’ : सावित्रीबाई फुले की कविताई – बजरंग बिहारी तिवारी

जीवन की गहरी समझ के साथ काव्य-रचना में प्रवृत्त होने वाली सावित्रीबाई फुले (1831-1897) अपने दो काव्य-संग्रहों के बल पर सृजन के इतिहास में अमर हैं. उनका पहला संग्रह ‘काव्यफुले’ 1854…

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दलित स्त्री के जीवन की महागाथा – दाई’

अनिता भारती भारत की सत्तर प्रतिशत आबादी गांव में निवास करती है। इस आबादी के पास शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं का नितांत अभाव है।  अशिक्षा, गरीबी और…