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अशोक के फूल – आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी

Post Views: 54 अशोक के फिर फूल आ गए हैं। इन छोटे-छोटे, लाल-लाल पुष्पों के मनोहर स्तबकों में कैसा मोहन भाव है! बहुत सोच-समझकर कंदर्प देवता ने लाखों मनोहर पुष्पों…

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आपने मेरी रचना पढ़ी? – आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी

Post Views: 7 हमारे साहित्यिकों की भारी विशेषता यह है कि जिसे देखो वहीं गम्भीर बना है, गम्भीर तत्ववाद पर बहस कर रहा है और जो कुछ भी वह लिखता…

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अद्भुत अपूर्व स्वप्न – भारतेंदु हरिश्चद्र

Post Views: 12 आज रात्रि को पर्यंक पर जाते ही अचानक आँख लग गई। सोते में सोचता क्‍या हूँ कि इस चलायमान शरीर का कुछ ठीक नहीं। इस संसार में…

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शिरीष के फूल – आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी

Post Views: 11 जहाँ बैठकर यह लेख लिख रहा हूँ उसके आगे-पीछे, दाएँ-बाएँ, शिरीष के अनेक पेड़ हैं | जेठ की जलती धूप में, जबकि धरित्री निर्धन अग्निकुंड बनी हुई…

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डी.आर. चौधरी होने के मायने – सुरेंद्र पाल सिंह

Post Views: 295 2 जून को अलसुबह रोहतक से एक अजीज का फोन आया कि डी.आर. चौधरी का शायद इंतकाल हो चुका है। मेरे दिल ने तुरंत शायद को यकीन…

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हमारे समय का अनुपम आदमी : अनुपम मिश्र – अमरनाथ

Post Views: 21 आजाद भारत के असली सितारे : “हमारे समय का अनुपम आदमी”- प्रभाष जोशी ने अनुपम मिश्र के बारे में यही कहा था। उनके निधन पर वरिष्ठ पत्रकार…

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सच्ची वीरता – सरदार पूर्ण सिंह

Post Views: 20 सरदार पूर्ण सिंह जी (1881 से 1931) का जन्म वर्तमान पाकिस्तान के ज़िला एबटाबाद के गांव सिलहड़ में हुआ था । हाईस्कूल रावलपिंडी से उत्तीर्ण की और…

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मानसिक पराधीनता – प्रेमचंद

Post Views: 8 हम दैहिक पराधीनता से मुक्त होना तो चाहते हैं, पर मानसिक पराधीनता में अपने-आपको स्वेच्छा से जकड़ते जा रहे हैं। किसी राष्ट्र या जाति का सबसे बहुमूल्य…

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महाभारत के समय का भारत – बालकृष्ण भट्ट

Post Views: 15 महाराज रामचंद्र के समय से जब हम धर्मराज युधिष्ठिर के समय को मिलाते हैं तो देश की हर एक बातों में बड़ा अंतर पाते हैं। यद्यपि युधिष्ठिर…