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जीवन के विविध रंगों जीवन-दृष्टि देता रंगमंच – अरुण कुमार कैहरबा

थियेटर या रंगमंच जीवन के विविध रंगों को मंच पर प्रस्तुत करने की जीवंत विधा है। रंगमंच सही गलत के भेद को बारीकी से चित्रित करता है। रंगमंच सवाल खड़े करता है। रंगमंच समाज का आईना ही नहीं है, बल्कि परिवर्तन का सशक्त औजार भी है।

साहित्य की महत्ता – आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी

आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी (1864–1938) हिन्दी के महान साहित्यकार, पत्रकार एवं युगप्रवर्तक थे। हिंदी साहित्य की अविस्मरणीय सेवा की और अपने युग की साहित्यिक और सांस्कृतिक चेतना को दिशा और दृष्टि प्रदान की। 17 वर्ष तक हिन्दी की प्रसिद्ध पत्रिका सरस्वती का सम्पादन किया।

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सृजन उत्सव में गूंजी सवाल उठाती कविताएँ

देस हरियाणा और सत्यशोधक फाउंडेशन द्वारा 14-15 मार्च को कुरुक्षेत्र स्थित सैनी धर्मशाला में आयोजित हरियाणा सृजन उत्सव में दोनों दिन सवाल उठाने और चेतना पैदा करने वाली कविताएं गूंजती रही। देश के जाने-माने वैज्ञानिक एवं शायर गौहर रज़ा के कविता पाठ के लिए विशेष सत्र आयोजित किया गया। सत्र का संचालन रेतपथ के संपादक डॉ. अमित मनोज ने किया।

सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने की मुहिम – अरुण कुमार कैहरबा

देस हरियाणा और सत्यशोधक फाउंडेशन के तत्वावधान में प्रदेश के लेखकों-कवियों ने 29फरवरी व 1मार्च को हरियाणा सृजन यात्रा निकाली। सृजन यात्रा में हरियाणा की सांस्कृतिक धरोहर से जुडऩे की कोशिश के रूप में चार महान साहित्यकारों- शायर अल्ताफ हुसैन हाली, बाबू बालमुकुंद गुप्त, संत कवि गरीबदास और सूफी कवि बाबा फरीद से जुड़े क्रमश: पानीपत, रेवाड़ी जिले के गांव गुडिय़ानी, झज्झर जिला के गांव छुड़ानी व हांसी में स्थित स्थानों का भ्रमण किया गया।