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बेटियों की निस्बत – अल्ताफ़ हुसैन हाली पानीपती  

Post Views: 217 ज़ाहलियत के ज़माने में ये थी रस्मे अरब के किसी घर में अगर होती थी पैदा दुख़्तर1 संग दिल2 बाप उसे गोद से लेकर माँ की गाड़…

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लाचार एकलव्य

Post Views: 368 महेन्द्र सिंह कविता अर्जुन ही बने धनुर्धारी सबसे बड़ा क्योंकि राजपुत्र था वह एकलव्य आ गया बीच में मांग लिया गुरु द्रोण ने अँगूठा …… वो तीर…

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लुटी ज्यब खेत्ती बाड़ी -सत्यवीर ‘नाहडिय़ा’

Post Views: 258 सत्यवीर ‘नाहडिय़ा’ रागनी 1 माट्टी म्हं माट्टी हुवै, जमींदार हालात। करजा ले निपटांवता, ब्याह्-छूछक अर भात। ब्याह्-छूछक अर भात, रात-दिन घणा कमावै। मांह् -पौह् की बी रात,…

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ज़ज़्बे की पाठशालाःगांधी स्कूल रोहतक -नरेश कुमार

Post Views: 577 शिक्षा व्यक्ति व समाज के विकास का माध्यम है। अपने बच्चों को सर्वश्रेष्ठ स्कूल में प्रवेश और कक्षा में सर्वोच्च स्थान पर लाने की होड़ इस दौर…

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तीन दृश्य :  एक चेहरा – कमलेश भारतीय

Post Views: 339 तीन दृश्य मेरी आंखों में ठहरे हुए हैं और इन दृश्यों में एक ही चेहरा सामने आता है। सोते-जागते मैं इन्हें देखता रहता हूँ। उस दिन मेरी…

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सरबजीत, तारा पांचाल और पिलखन का पेड़ -ओमसिंह अशफाक

Post Views: 450 ओमसिंह अशफाक सरबजीत (30-12-1961—13-12-1998) दोस्तों का बिछडऩा बड़ा कष्टदायक होता है। ज्यों-ज्यों हमारी उम्र बढ़ती जाती है पीड़ा सहने की शक्ति भी क्षीण होती रहती है। जवानी…