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आग -सुरेश बरनवाल

Post Views: 220 कविता यह घटना थी या वारदात या युद्ध। बहुत कुछ जला था तब हरियाणा में दुकानें, इन्सानियत मासूमियत स्कूल, किताबें। जिन्होंने दुकानें जलाईं वह नहीं हो सकते…

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कोई जब मेरे आगे से मुझे तकता हुआ निकला – बलबीर सिंह राठी

Post Views: 178  ग़ज़ल कोई जब मेरे आगे से मुझे तकता हुआ निकला, मैं समझा तुम हो लेकिन वो तो कोई दूसरा निकला। मुझे तो ये यकीं था तेरे दिल…

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अंधेरा कब मिटा है जुगनुओं से – बलबीर सिंह राठी

Post Views: 291  ग़ज़ल   अंधेरा कब मिटा है जुगनुओं से, जलाओं वो दिया जो रोशनी दे। बहुत कुछ कह गया वो यूँ तो मुझ से, मगर अल्फ़ाज़ वो उसके…

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जब गुनहगार करने लगे मुन्सिफ़ी – बलबीर सिंह राठी

Post Views: 158  ग़ज़ल   जब गुनहगार करने लगे मुन्सिफ़ी1, फिर सज़ा बे गुनाहों को होनी ही थी। जिनको अपना मुहाफ़िज2 समझते थे हम, रहज़नों3 ही में शामिल थे वो…

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करवा का व्रत

Post Views: 395 यशपाल जन्म: 3 दिसम्बर, 1903 ई. फ़िरोजपुर छावनी, पंजाब, भारत मृत्यु: 26 दिसंबर, 1976 ई.   कन्हैयालाल अपने दफ्तर के हमजोलियों और मित्रों से दो तीन बरस बड़ा ही था, परन्तु ब्याह उसका…

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कभी जब आप सा कोई मुझे तकता हुआ गुज़रे – बलबीर सिंह राठी

Post Views: 138 ग़ज़ल कभी जब आप सा कोई मुझे तकता हुआ गुज़रे, तो मेरे दिल पे जाने किस तरह का हादिसा गुज़रे। बड़ी मीठी कसक होती है दर्दे दिल…

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कोई मंजि़ल न रास्ता है कोई – बलबीर सिंह राठी

Post Views: 128 ग़ज़ल कोई मंजि़ल न रास्ता है कोई, फ़ासिलों में उलझ गया है कोई। हर किसी को यूँ जांचता है कोई, जैसे बस्ती का वो ख़ुदा है कोई।…

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खेती में आए बदलाव -राजकुमार शेखुपुरिया

Post Views: 115 सिरसा जिला के उत्तर में पंजाब और पश्चिम और दक्षिण में राजस्थान है। यहां बोलचाल में पंजाबी, हिन्दी और बागड़ी भाषा का प्रयोग आमजन करते हैं। सिरसा…

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युद्ध और प्रेम -सुरेश बरनवाल

Post Views: 139 कविता युद्ध के दौर में विद्रोह, क्रोध, हिंसा बारूद, बन्दूक और शरीर के चिथड़े मिल जाते थे हर राह टूटे भग्नावशेष कब्रगाह बन गए थे इन्सानी सभ्यता…

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बड़ी मुश्किल से जो दुनिया बसाई – बलबीर सिंह राठी

Post Views: 154 ग़ज़ल बड़ी मुश्किल से जो दुनिया बसाई, उसी की ताक में है अब तबाही। यहाँ हर शख़्स को लडऩी पड़ेगी, हज़ारों ही मुहाज़ों1 पर लड़ाई। नगर तो…