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हम को दी हैं उदासियाँ, किसने – बलबीर सिंह राठी

Post Views: 127 ग़ज़ल हम को दी हैं उदासियाँ, किसने, ऐसी साजि़श, रची कहाँ, किसने! ला के रख दी ये दूरियाँ, किसने, मेरा लेना है इम्तिहां, किसने! जो बग़ावत की…

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दु:ख आया है बनकर अपना – बलबीर सिंह राठी

Post Views: 142  ग़ज़ल दु:ख आया है बनकर अपना, देखे कोई मुक़्कद्दर अपना। सब आबाद नज़ारे उनके, और हर वीराँ मंज़र अपना। औरों का दु:ख धीरे-धीरे, दिल में उतरा बनकर…

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हमें रोके रही बरसों तुम्हारी याद रस्ते में – बलबीर सिंह राठी

Post Views: 216   ग़ज़ल हमें रोके रही बरसों तुम्हारी याद रस्ते में, शिकायत ख़ाक करते क्यों हुए बरबाद रस्ते में। तुझे मंजि़ल समझ कर तेरी ज़ानिब जब चले आए,…

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मुझे इंतज़ार है – लारेंस फ़र्लिंगेटी

Post Views: 128 लारेंस फ़र्लिंगेटी (जन्म 1919 ) अनुवाद – दिनेश दधीचि मुझे इंतज़ार है कि कब निरीह इन्सानों के दिन फिरेंगे और कब वे बिना टैक्स चुकाए सच में…

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हमारा हम सफ़र ही रास्ते में रह गया-यारो – बलबीर सिंह राठी

Post Views: 178  ग़ज़ल हमारा हम सफ़र ही रास्ते में रह गया-यारो, करें अब किस लिए हम अपनी मंजि़ल का पता-यारो। मैं ख़्वाबों की हसीं दुनिया में था आख़िर ये…

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टूम ठेकरी – विपिन चौधरी

Post Views: 138 हरियाणवी कविता जी करै सै आज दादी की तिजोरी मैं तै काढ़ ल्याऊं सिर की सार,धूमर अर डांडे नाक की नाथ, पोलरा कान की बुजली, कोकरू अर…

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वहाँ हर शख़्स की नीयत बुरी थी – बलबीर सिंह राठी  

Post Views: 184 ग़ज़ल   वहाँ हर शख़्स की नीयत बुरी थी, हिफ़ाज़त कौन करता क़ाफ़िलों की। सफ़र में हमने सूरज साथ रक्खा, हमें भी रात वरना घेर लेती। हमें…