Category Archives: हरियाणवी लोकगीत

मीह बरसा दे राम – हरियाणवी गीत (तारा पाँचाल)

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भूल गई रंग चाव, ए भूल गई जकड़ी

राजेन्द्र सिंह आज के इस युग में जब स्वयं हाशिए पर चले गए हिन्दी साहित्य में भी प्रकाशन का अर्थ सिर्फ  कहानियों, कविताओं या कुछ हद तक उपन्यास के प्रकाशन तक सिमट कर रहा गया है, तथा शोध के नाम पर ठेके पर तैयार करवाए गए ऐसे शोध प्रबन्धों के जुगाडी प्रकाशनों की भरमार है जिसको शायद शोधकर्ता ने स्वयं

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मेवाती लोक गीत -मां मेरा पीसणों, कितनो पीसो री

मेवाती लोक गीत मां मेरा पीसणों, कितनो पीसो री। जितनी दगड़ा में रेत, जणी सू कहियो री। इतनो गूंदो री, जितनी पोखर में कीच। जणी सू कहियो री… मां मेरो पीसणो, कितनो पीसो री। इतनो पोयो री, जितना पीपळ में पात। खागी-खागी री मां ऊ मुरगी की सी डार। मोलू टिकिया रहगी एक, जणी सू कहियो री। जणी से कहियो

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मेवाती लोक गीत – हुकम करो तो मईयां आऊं तेेरे र भवन में

मेवाती लोक गीत हुकम करो तो मईयां आऊं तेेरे र भवन में। गइया को दूध हमारे बछड़ा ने बिगाड़ो। कांई की धार चढ़ाऊ, मईया तेरे र भवन में। कुआं को जल, तेरी मछली ने बिगाड़ो। कांई सू तोय नहवाऊं, मइया तेरे र भवन में। पीळे-पीळे लड्डू हमारे हलवाई ने बिगाड़े कांई को भोग लगाऊं मइया तेरे र भवन में। पीळे-पीळे

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मेवाती लोक गीत – मैं तो चिड़िया-सी उड़ जाऊंगी मेरा बाबल

मेवाती लोक गीत मैं तो चिड़िया-सी उड़ जाऊंगी मेरा बाबल। मैं तो तीन दिना भारी मेरा बाबल। मोसू हड़क-बड़क मत बोले मेरा बाबल मैं तो चिड़िया सी उड़ जाऊंगी मेरा बाबल। मैं तो अपणा खटक दल ले चली मेरा बाबल। मैं तो चिड़िया सी उड़ जाऊंगी मेरा बाबल। मेरा बीरा अपणा नगर सू बसियो। मैंं तो तेरा आंगण की गाय

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आंगण बीच कूई राजा (लोकगीत)

आंगण बीच कूई राजा डूब क: मरूंगी तू मत डरिए मैं तो औरां न: डराऊंगी जेठ लड़ैगा पाछा फेर क: लडूंगी आजा री जिठानी तेरे धान से छडूंगी धान से छडूंगी तेरी घाणी सी भरूंगी मत डरिए मैं त: औरां न: डराऊंगी देवर लड़ैगा हंस खेल क: लडूंगी आजा री द्योराणी तेरे धान से छडूंगी धान से छडूंगी तेरी घाणी

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सुधीर शर्मा – मेरा नौकर वर ढुंढवाइए मेरी मां

हरियाणवी नृत्य गीत मेरा नौकर वर ढुंढवाइए मेरी मां विवाह योग्य होने पर परम्परागत समाज में अपना पति पसंद करने वाली युवतियों की भूमिका नहीं होती। पर अपने सपनों के राजकुमार की एक छवि सभी युवतियां अपने मन में बसाए रखती हैं। यद्यपि वे परिवार में अपने पसंद के पति के बारे में खुलकर बात नहीं कर सकती। वे इन

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