Category Archives: अनुवाद

धर्म और हमारा स्वतन्त्रता संग्राम; भगत सिंह

धर्म और हमारा स्वतन्त्रता संग्राम – भगत सिंह“हमारी आज़ादी का अर्थ केवल अंग्रेजी चंगुल से छुटकारा पाने का नाम नहीं, वह पूर्ण स्वतंत्रता का नाम है जब लोग परस्पर घुल-मिलकर रहेंगे और दिमागी गुलामी से भी आज़ाद हो जायेंगे।” मई, 1928 के ‘किरती’ में यह लेख छपा। जिसमें भगत सिंह ने धर्म की समस्या पर प्रकाश डाला है। अमृतसर में

Advertisements
Read more

छाती, तू और मैं – निकिता आजाद

निकिता आजाद (युनिवर्सिटी ऑफ आक्सफोर्ड) में पढ़ी हैं। उन्होंने  ‘हैपी टु ब्लीड’ लिखे सैनिटरी नैपकिन के साथ अपनी तसवीर पोस्ट करते हुए लोगों को पितृसत्तात्मक रवैए के खिलाफ खड़े होने की अपील की थी और सोशल मीडिया पर #happytobleed मुहिम चलाई थी। contact – nikarora0309@gmail.com तू हमेशा कहता रहा ये बहुत छोटी हैं बहुत ढीली हैं बहुत चपटी हैं और

Read more

सोनकेसी – पहाड़ी लोक-कथा

एक बार एक साहुकार था। उसके चार पुत्र थे ।चार में से बड़े तीन पुश्तैनी धन्धे के साथ अपना-अपना काम धन्धा  भी करते थे पर सबसे छोटा बेटा कोई काम-धाम नहीं करता था । उसकी इस आदत की वजह से साहुकार उससे नाराज रहने लगा । बोल-चाल भी बंद हो गई । बाकी के भाई भी उससे खिंचे-खिंचे से रहने

Read more

पूंजीवाद को संभावित विद्रोहों से है गंभीर खतरा – पूर्व गवर्नर रघुराम राजन

रघुराम राजन ने कहा कि समाज में संभावित ‘विद्रोह’ की स्थिति लोगों को अवसर नहीं मिल पाने के कारण पूंजीवाद खतरे में अवसर नहीं मिल पाने से पूंजीवाद के खिलाफ होता है विद्रोह 2008 के आर्थिक संकट से भी बड़ा होगा आने वाला संकट आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने चिंता जताते हुए कहा है कि पूंजीवाद को ‘गंभीर

Read more

राजगुरू, सुखदेव व भगत सिंह की शहादत पर – बाबा साहेब भीम राव अम्बेडकर संपादकीय लेख

समसामयिक विचार (जनता, 13 अप्रैल 1931) भगतसिंह, सुखदेव और राजगुरू इन तीनों को अन्ततः फांसी पर लटका दिया गया। इन तीनों पर यह आरोप लगाया गया कि उन्होंने सान्डर्स नामक अंग्रेजी अफसर और चमनसिंह नामक सिख पुलिस अधिकारी की लाहौर में हत्या की। इसके अलावा बनारस में किसी पुलिस अधिकारी की हत्या का आरोप, असेम्ब्ली में बम फेंकने का आरोप

Read more

हिंदी भाषा चुनौतियां और समाधान – मोहम्मद इरफान मलिक

मोहम्मद इरफान मलिक अरबी विभाग पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला यह लेख हरियाणा सृजन उत्सव 2019 में पंजाबी युनिवर्सिटी पटियाला, अरबी विभाग के मोहम्मद इरफान मलिक ने पेश किया था। प्रस्तुत है उसका हिंदी अनुवाद। हिंदी भारतीय सभ्यता, संस्कृति और समाज की भाषा है। इस बात में कोई संदेह नहीं है कि इक्कीसवीं सदी में कोई भी भाषा ऐसी नहीं है, जिसको

Read more

अदालत जारी है …

कर्मजीत कौर किशांवल  पंजाबी से अनुवाद परमानंद शास्त्री                                       (कर्मजीत कौर किंशावल पंजाबी की कवयित्री हैं, गगन दमामे दी ताल कविता संग्रह प्रकाशित हुआ है। इनकी कविताएं दलित जीवन के यथार्थपरक चित्र उकेरती हुई सामाजिक न्याय के संघर्ष का पक्ष निर्माण कर रही हैं। पंजाबी से अनुवाद किया है परमानंद शास्त्री जी ने। उन्होंने पंजाबी से हिंदी में गुरदियाल सिंह

Read more

आज का कन्हैया

कर्मजीत कौर किशांवल  पंजाबी से अनुवाद परमानंद शास्त्री                                       (कर्मजीत कौर किंशावल पंजाबी की कवयित्री हैं, गगन दमामे दी ताल कविता संग्रह प्रकाशित हुआ है। इनकी कविताएं दलित जीवन के यथार्थपरक चित्र उकेरती हुई सामाजिक न्याय के संघर्ष का पक्ष निर्माण कर रही हैं। पंजाबी से अनुवाद किया है परमानंद शास्त्री जी ने। उन्होंने पंजाबी से हिंदी में गुरदियाल सिंह

Read more

धर्म का राज

कर्मजीत कौर किशांवल की कविताएं  पंजाबी से अनुवाद परमानंद शास्त्री                                       (कर्मजीत कौर किंशावल पंजाबी की कवयित्री हैं, गगन दमामे दी ताल कविता संग्रह प्रकाशित हुआ है। इनकी कविताएं दलित जीवन के यथार्थपरक चित्र उकेरती हुई सामाजिक न्याय के संघर्ष का पक्ष निर्माण कर रही हैं। पंजाबी से अनुवाद किया है परमानंद शास्त्री जी ने। उन्होंने पंजाबी से हिंदी में

Read more

नदियों के बारे में नीग्रो का कहना है

 लैंग्स्टन ह्यूज़ (1902-1967) अनुवाद – दिनेश दधीचि नदियों को जाना है मैंने नदियाँ जो प्राचीन बहुत हैं; उतनी जितनी अपनी दुनिया. मानव की नस-नस में बहता रक्त नहीं था, तब भी वे थीं— जाना है मैंने नदियों को. तभी आज अन्तस् में मेरे गहराई है नदियों जैसी. मैंने यूफ़्रेतिस के जल में स्नान किया था, जब सुबहें थीं नयी-नवेली. कांगो

Read more
« Older Entries