Category: स्त्री विमर्श

कविताएँ – जयपाल

Post Views: 48 जयपाल की कविता आडम्बर से कोसों दूर है। उनकी कविता में हाशिए पर धकेले गए लोग बराबर उपस्थित रहते हैं। स्त्री अस्मिता की ये कविताएँ महज सहानुभूति

Continue readingकविताएँ – जयपाल

सावित्रीबाई फुले ने दी थी पति को मुखाग्नि

Post Views: 14 सन् 1887 में सावित्रीबाई फुले के पति जोतिबा फुले को अंधरंग हो गया था। अपने जीवन के अंतिम तीन साल उन्होंने बिस्तर पर गुजारे। सावित्रीबाई फुले व

Continue readingसावित्रीबाई फुले ने दी थी पति को मुखाग्नि

ममता की मूर्ति थी सावित्रीबाई फुले

Post Views: 10  सावित्रीबाई फुले का जीवन ममता का पर्याय है। जोतिबा फुले और सावित्रीबाई फुले ने शिक्षा के लिए दूर दूर से आने वाले  विद्यार्थियों के लिए अपने घर

Continue readingममता की मूर्ति थी सावित्रीबाई फुले

समय से टक्कर लेती युवा कवयित्री जसिंता केरकेट्टा – जयपाल

Post Views: 30 झारखंड के जंगल में उगी,पगी और बड़ी हुई जसिंता केरकेट्टा की कविता की गूंज अब राजधानी के गूंगे-बहरे गलियारों तक जा पहुंची है। उन्हें कईं राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय साहित्य

Continue readingसमय से टक्कर लेती युवा कवयित्री जसिंता केरकेट्टा – जयपाल

परिवार और महिला की आजादी- अनुवाद – सोनिया

Post Views: 90 सवालों की मर्यादा से बाहर मत जाओ गार्गी वरना सिर धड़ से अलग कर दिया जाएगा ऋषि याज्ञवल्क्या ने जनक राजा के दरबार में शास्त्रार्थ के दौरान

Continue readingपरिवार और महिला की आजादी- अनुवाद – सोनिया

कोई दूसरा लोग – सुरेन्द्र पाल सिंह

Post Views: 130 सुरेन्द्र पाल सिंह हरियाणा की लोक–संस्कृति को पैनी इतिहास बोध भरी दृष्टि से देखते रहे हैं लेकिन इधर अब उनकी दिलचस्पी कविताओं के अनुवाद और कहानी लेखन

Continue readingकोई दूसरा लोग – सुरेन्द्र पाल सिंह

गीता प्रेस, गोरखपुर की स्त्री-विरोधी मुहिम – सुभाष सैनी

Post Views: 97 गीता प्रैस गोरखपुर की पुस्तकें बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों के स्टाल पर बिकती हुई मिल जायेंगीं। इन पुस्तकों की दो विशेषताएं हैं एक तो ये इतनी

Continue readingगीता प्रेस, गोरखपुर की स्त्री-विरोधी मुहिम – सुभाष सैनी

वैदिक समुदाय और स्त्री- मुद्राराक्षस

इन्द्र की स्तुति वैदिक समाज के अनेक लोग स्त्री पाने के लिए ही करते हैं। तवं र पिठीनसे मंत्र (म. 6, सू. 26) में है— हे इन्द्र ! पिठीनस को रजि नाम की स्त्री तुमने दी। मं. 10 के सू. 65 के मुन्युमंहसः मंत्र में अश्विनी द्वय ने विमद को सुन्दर स्त्री दी, यह प्रशंसा है। मं. 1, सू. 69 के अयं सोमः मंत्र में सोम से प्रार्थना की गई है, हमें रमणीय स्त्री दिलाओ। (लेख से) … Continue readingवैदिक समुदाय और स्त्री- मुद्राराक्षस

माँ टेरेसा : करुणा की देवी

सेवा मार्ग पर चलने में प्रेम के साथ साथ चिकित्सा और औषधि का प्रत्यक्ष ज्ञान प्राप्त करने की बहुत जरूरत थी। लोरेटो को अलविदा कहकर टेरेसा अपनी नयी वेशभूषा में ही 18 अगस्त 1948 को नर्सिंग की ट्रेनिंग लेने के लिए पटना की अमेरिकी मेडिकल मिशनरी के पास गईं। वहाँ तीन महीने की ट्रेनिंग लेकर वे दिसंबर माह में कोलकाता लौट आईं और ‘लिटिल सिस्टर्स ऑफ द पूअर’ संस्था में आकर रहने लगीं। … Continue readingमाँ टेरेसा : करुणा की देवी

इला रमेश भट्ट : ‘सेवा’ से दूसरी आजादी तक

रोजमर्रा के जीवन में कितनी ही बार हमारा सामना ऐसी महिलाओं से होता है, जो घरों में झाड़ू-पोंछा करके या फुटपाथ पर सब्जियाँ बेचते हुए अपना और अपने परिवार का पालन-पोषण करती हैं। हम इतने व्यस्त होते हैं कि इनके चेहरे पर उम्र से पहले ही खिंच आईं प्रौढ़ता की लकीरों के पीछे छिपे दर्द को महसूस नहीं कर पाते। लेकिन अहमदाबाद की इला रमेश भट्ट ने स्वरोजगार से जुड़ी महिलाओं के इस दर्द को समझा। … Continue readingइला रमेश भट्ट : ‘सेवा’ से दूसरी आजादी तक