Category Archives: सियासत

जींद विधानसभा उपचुनाव की बिसात

अविनाश सैनी   जींद उपचुनाव का राजनीतिक महत्व यह है कि यह लोकसभा चुनावों की टोन सेट करेगा।  सत्ताधारी पार्टी तो इनेलो-जजपा के आपसी प्रतिद्वंद्व और कांग्रेस की आपसी फूट पर ही अपने जीत को सुनिश्चित मान रही है। उसे अपने कार्यों की अपेक्षा विरोधी दलों की फूट पर अधिक भरोसा है उसके सहारे ही राजनीतिक वैतरणी पार करना चाहती

Read more

राजनीतिक दलों के आंतरिक घमासान की जड़ है – सत्ता की बंदरबांट

अविनाश सैनी नगर निगम चुनावों में मिली जीत की खुमारी अभी उतरी भी न थी कि विधायकों के असंतोष ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की खुशियों को हवा कर दिया। विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता सरकार में काम न होने या खुद की उपेक्षा का रोना अकसर बड़े नेताओं के समक्ष रोते रहते हैं। भाजपा सरकार में भी अनेक बार

Read more

हरियाणा के पांच नगर निगम चुनाव का संकेत

 कृष्णस्वरूप गोरखपुरिया अभी 19 दिसंबर को घोषित नगर निगम मेयरों के चुनावों में भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों की पांचों स्थानों पर जीत हुई है और इस जीत पर भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं का खुश होना भी स्वभाविक है। परंतु मीडिया के एक हिस्से ने इन चुनाव परिणामों को इस रूप में प्रस्तुत किया है कि मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर

Read more

नगर निगम चुनावों के सबक

अविनाश सैनी सारे पूर्वानुमानों को धत्ता बताते हुए भाजपा ने हरियाणा के 5 नगर निगमों के लिए हुए चुनावों में बड़ी जीत दर्ज की है। हिसार, यमुनानगर, करनाल, पानीपत और रोहतक  नगर निगमों के इन चुनावों में भाजपा ने मेयर के पांचों पद अपने नाम कर राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों में हुई पार्टी की हार का अपने कैडर

Read more

हरियाणा में अनुसूचित जाति आयोग

सुरेंद्र पाल सिंह  हरियाणा में जाति आधारित शोषण-उत्पीड़न अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय रहा। सामाजिक स्तर पर बहुत जघन्य कांड  हरियाणा के समाज ने देखे। शासकीय मशीनरी में भी भेदभाव के आरोप लगते रहे हैं। निदान के लिए मानवाधिकार आयोग और अनुसूचित जाति आयोग के गठन की जरूरत महसूस की गई और लोगों ने इस तरह की व्यवस्था बनाने

Read more

नोटबंदी के समय उल्लू बने लोग हाज़िर हों, 99.3 प्रतिशत पैसा बैंकों में वापस आ गया है

भारतीय रिज़र्व बैंक की रिपोर्ट आई है कि नोटबंदी के वक्त 15.41 लाख करोड़ सर्कुलेशन में था, जिसमें से 15.31 लाख करोड़ वापस आ गया है. यानी व्हाट्सऐप यूनिवर्सिटी का यह दावा कि नोटबंदी से ब्लैक मनी नष्ट हो जाएगा, बोगस निकल गया है.   कल्पना कीजिए, आज रात आठ बजे प्रधानमंत्री मोदी टीवी पर आते हैं और नोटबंदी के

Read more

मैं मार्क्सिस्ट विचार को मानता हूं, लेकिन इससे मैं नक्सली नहीं हो जाता : तेलतुंबड़े

https://khabar.ndtv.com/news/india/i-believe-in-the-marxist-idea-but-this-does-not-make-me-naxal-teltumbde-1908325?type=news&id=1908325&category=india मुंबई: मानवाधिकार कार्यकर्ता आनंद तेलतुंबड़े ने कहा है कि ‘जो येसरकार कर रही है वह डरावना है. मैं बचपन से एक्टिविस्ट हूं. पहले की सरकारों के खिलाफ भी लिखता रहा हूं. मैं मार्क्सिस्ट विचार को मानता हूं लेकिन इससे मैं नक्सली नहीं हो जाता हूं. भारत गुलामी से भी बदतर हो गया है.’ आनंद तेलतुंबड़े गोवा में बिग डेटा एनालिसिस में सीनियर प्रोफेसर

Read more

इस राजनीतिक लड़ाई में मैं हर कीमत चुकाने को तैयार हूं : गौतम नवलखा

गिरफ्तारी के बाद प्रसिद्ध मानवाधिकार कार्यकर्ता गौतम नवलखा का बयान यह समूचा केस इस कायर और प्रतिशोधी सरकार द्वारा राजनीतिक असहमति के खिलाफ़ की गई राजनीतिक साजिश है जो भीमा कोरेगांव के असली दोषियों को बचाने के लिए जी जान लगा रही है और इस तरह से उसने अपने उन घोटालों और नाकामियों की ओर से ध्‍यान बंटाने का काम

Read more

आजादी से पहले का हरियाणा

रघुवीर सिंह हरियाणा हिन्दुस्तान के उन प्रदेशों में से है,जो राजनीतिक तथा सामाजिक तौर पर काफी पिछड़े हुए इलाके हैं और जिनमें राष्ट्रीय मुक्ति आंदोलन तथा दूसरे समाज-सुधार आंदोलनों का प्रभाव भी ज्यादा नहीं रहा। शिक्षा का प्रसार भी बहुत कम रहा और कारखाने न के बराबर ही लगे।          सारे ही प्रांत में खेती काफी पिछड़ी

Read more

ये सिरफिरों की भीड़ है या संगठित गिरोह

पिछले दो महीनों में 30 से ज्यादा लोग भीड़ हिंसा का शिकार हो चुके हैं। यह किसी एक राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि 14 राज्यों तक इसका विस्तार है। ये ‘बाहरी’ लोग करार देकर व उनसे सुरक्षा के डर में मारे गए हैं अथवा साम्प्रदायिक आग्रहों के कारण मारे गए हैं।

Read more