placeholder

अशोक के फूल – आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी

Post Views: 7 अशोक के फिर फूल आ गए हैं। इन छोटे-छोटे, लाल-लाल पुष्पों के मनोहर स्तबकों में कैसा मोहन भाव है! बहुत सोच-समझकर कंदर्प देवता ने लाखों मनोहर पुष्पों…

placeholder

आपने मेरी रचना पढ़ी? – आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी

Post Views: 4 हमारे साहित्यिकों की भारी विशेषता यह है कि जिसे देखो वहीं गम्भीर बना है, गम्भीर तत्ववाद पर बहस कर रहा है और जो कुछ भी वह लिखता…

placeholder

अद्भुत अपूर्व स्वप्न – भारतेंदु हरिश्चद्र

Post Views: 6 आज रात्रि को पर्यंक पर जाते ही अचानक आँख लग गई। सोते में सोचता क्‍या हूँ कि इस चलायमान शरीर का कुछ ठीक नहीं। इस संसार में…

placeholder

शिरीष के फूल – आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी

Post Views: 9 जहाँ बैठकर यह लेख लिख रहा हूँ उसके आगे-पीछे, दाएँ-बाएँ, शिरीष के अनेक पेड़ हैं | जेठ की जलती धूप में, जबकि धरित्री निर्धन अग्निकुंड बनी हुई…

placeholder

सच्ची वीरता – सरदार पूर्ण सिंह

Post Views: 8 सरदार पूर्ण सिंह जी (1881 से 1931) का जन्म वर्तमान पाकिस्तान के ज़िला एबटाबाद के गांव सिलहड़ में हुआ था । हाईस्कूल रावलपिंडी से उत्तीर्ण की और…

placeholder

मानसिक पराधीनता – प्रेमचंद

Post Views: 5 हम दैहिक पराधीनता से मुक्त होना तो चाहते हैं, पर मानसिक पराधीनता में अपने-आपको स्वेच्छा से जकड़ते जा रहे हैं। किसी राष्ट्र या जाति का सबसे बहुमूल्य…

placeholder

यथास्मै रोचते विश्वम् – रामविलास शर्मा

Post Views: 7 प्रजापति से कवि की तुलना करते हुए किसी ने बहुत ठीक लिखा था- “यथास्मै रोचते विश्वं तथेद परिवर्तते।” कवि को जैसे रुचता है वैसे ही संसार को…

placeholder

बौद्धकालीन भारतीय विश्वविद्यालय – आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी

Post Views: 4 बौद्धकालीन भारतीय विश्वविद्यालयों के स्वरूप, शिक्षा व्यवस्था, पाठ्यक्रम व उसकी उपयोगिता पर आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी का ज्ञानवर्धक आलेख.