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सामयिक

राजभाषा संबंधी संवैधानिक प्रावधान

हिन्दी को भारत की राजभाषा के रूप में 14 सितम्बर सन् 1949 को स्वीकार किया गया । इसके बाद संविधान में राजभाषा के सम्बन्ध...

निजी स्कूल शिक्षा के प्रति बढ़ रहा असंतोष

दीपक राविश किसी भी जागरूक एवं विकासशील समाज को शिक्षा-व्यवस्था पर लगातार विचार-विमर्श करते हुए से धारदार बनाने के प्रयास करते रहने चाहिएं। किसी समाज...

क्या खाद्य उत्पादों के दाम में बढ़ोतरी का फायदा किसानों को मिलता है?

अमित सिंह बीते कुछ महीनों में खाद्य पदार्थों यानी खाने-पीने से जुड़ी चीजों के दाम बढ़े हैं, खास तौर पर पश्चिम और दक्षिण भारत में...

धार्मिक पूर्वाग्रहों की छाया में भोजन – सुभाष गाताडे

भोजन को लेकर अलग अलग समुदायों/सम्प्रदायों में अलग-अलग तरह की बंदिशें बनी हैं, जो कई बार एक-दूसरे के ख़िलाफ़ भी दिखती हैं।  वर्णसमाज को ही...