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सांप्रदायिक समस्या का हल – महात्मा गांधी

Post Views: 286 हिंदू इतिहासकारों ने और मुसलमान इतिहासकारों ने पक्के-से-पक्के प्रमाण देकर हमें बताया है कि तब भी हम आज के मुकाबले ज्यादा मेल-मुहब्बत के साथ रह रहे थे…

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महात्मा गांधीः धर्म और साम्प्रदायिकता – डा. सुभाष चंद्र

Post Views: 919 साम्प्रदायिकता आधुनिक युग की परिघटना है। अंग्रेजों ने भारत की शासन सत्ता संभाली तो राजनीति और आर्थिक व्यवस्था प्रतिस्पर्धात्मक हो गई। अंग्रेजी शासन में हिन्दुओं व मुसलमानों…

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मैं हिन्दू भी हूं और मुसलमान भी

Post Views: 298 विनोबा भावे रामकृष्ण परमहंस ने इस्लाम, ईसाई आदि अन्य धर्मों की उपासना की थी, उनकी प्रत्यक्ष अनुभूति प्राप्त करने के लिए साधना की थी और सब धर्मों…

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धर्म और हमारा स्वतन्त्रता संग्राम; भगत सिंह

Post Views: 452 धर्म और हमारा स्वतन्त्रता संग्राम – भगत सिंह“हमारी आज़ादी का अर्थ केवल अंग्रेजी चंगुल से छुटकारा पाने का नाम नहीं, वह पूर्ण स्वतंत्रता का नाम है जब…

पंज प्यारे – जातिवाद पर कड़ा प्रहार और जनवाद का प्रतीक

अपना शीश देने के लिए तैयार हुए पांचों व्यक्तियों में से ज्यादा समाज द्वारा नीची समझी जाने वाली जातियों में थे और खासतौर पर दस्तकार थे। उनमें से एक खत्री था, एक जाट, एक धोबी, एक नाई और एक कुम्हार था। इस से पता चलता है कि गुरु गोबिंद सिंह जी को तमाम जातियों और खासकर छोटी समझी जाने वाली जनता का अपार समर्थन था। उसे मेहनतकश किसान और मजदूरों का समर्थन हासिल था। उसे व्यापारी वर्ग का समर्थन था।

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डेरों व मठाधीशों के प्रवचन-उपदेश’  सांस्कृतिक शून्यता में क्षणिक राहत  – बूटा सिंह सिरसा    

Post Views: 491 सिरसा डेरा के मामले में कोर्ट का फैसला आया है। उसके बाद हुई  हिंसा व आगजनी से जानमाल के नुकसान की खबरें मीडिया ने चटखारे ले लेकर…

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समानान्तर सत्ता के द्वीप -मुकेश

Post Views: 485 साढ़े दस साल पहले रोहतक के करौंथा आश्रम व आर्य समाजियों में भी खूनी संघर्ष हुआ था। सेना बुलाकर आश्रम को खाली कराया गया था। बाबा की…

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धर्म और कार्ल मार्क्स – जगदीश्वर चतुर्वेदी

अनेक लोग हैं जो कार्ल मार्क्स के धर्म संबंधी विचारों को विकृत रूप में व्याख्यायित करते हैं। वे मार्क्स की धर्म संबंधी मान्यताओं को गलत देखते हैं फिर सभी मार्क्सवादियों पर हमला आंरंभ कर देते हैं। सवाल यह है क्या मार्क्स की धर्म संबंधी मान्यताओं से धर्म की कोई सही समझ बनती है ?क्या दुनिया में मार्क्सवादी धर्म के बारे में एक ही तरह सोचते हैं ॽ

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भारत  विभाजन  के उत्तरदायी – असगर अली इंजीनियर, अनु. डा. सुभाष चंद्र

Post Views: 319 साम्प्रदायिक सवाल मुख्यत: सत्ता में हिस्सेदारी से जुड़ा था, चूंकि सत्ता में हिस्सेदारी के सवाल का आखिर तक कोई संतोषजनक हल नहीं निकला और अंतत: देश का…

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भारत  विभाजन  के उत्तरदायी- डा. सुभाष चंद्र

Post Views: 336 असगर अली इंजीनियर – अनु. डा. सुभाष चंद्र  साम्प्रदायिक सवाल मुख्यत: सत्ता में हिस्सेदारी से जुड़ा था, चूंकि सत्ता में हिस्सेदारी के सवाल का आखिर तक कोई…