Category Archives: शिक्षा/स्वास्थ्य/रोजगार

हिंदी भाषा चुनौतियां और समाधान – मोहम्मद इरफान मलिक

मोहम्मद इरफान मलिक अरबी विभाग पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला यह लेख हरियाणा सृजन उत्सव 2019 में पंजाबी युनिवर्सिटी पटियाला, अरबी विभाग के मोहम्मद इरफान मलिक ने पेश किया था। प्रस्तुत है उसका हिंदी अनुवाद। हिंदी भारतीय सभ्यता, संस्कृति और समाज की भाषा है। इस बात में कोई संदेह नहीं है कि इक्कीसवीं सदी में कोई भी भाषा ऐसी नहीं है, जिसको

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पानीपत थर्मल प्लांट का पास-परिवेश

आशु वर्मा/अंशु मालवीय पानीपत थर्मल प्लांट के सामने से गुजरते समय अक्सर दैत्याकार चिमनियां और उनसे निकलता धुआं, दूर तक फैली राख की पहाड़ियां और बंजर खेत, धूल और फैली राख से अटी बस्तियां, गर्द से सने पेड़, उदास और बेरौनक दुकानें ध्यान खींचती थी। जवाहर लाल नेहरू ने जिन बड़े सार्वजनिक प्रतिष्ठानों को आधुनिक युग के मंदिर और ‘कमांडिंग

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ज़ज़्बे की पाठशाला- गांधी स्कूल रोहतक

नरेश कुमार शिक्षा व्यक्ति व समाज के विकास का माध्यम है। अपने बच्चों को सर्वश्रेष्ठ स्कूल में प्रवेश और कक्षा में सर्वोच्च स्थान पर लाने की होड़ इस दौर की सबसे बड़ी प्रतियोगिताओं में से एक है। अभिभावकों की उम्मीदें बच्चों के स्वाभाविक विकास को कुचल रही हैं। इस दौर में अभिभावकों की अपने बच्चों को बड़े आर्थिक पैकेज और

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ठोस अपशिष्ट प्रबंधन

डा. हरदीप राय शर्मा (जीवन जीने के क्रम में मनुष्य कूड़ा कचरा उत्पन्न करता है, लेकिन अब कूड़े-कचरे को ठिकाने लगाने की समस्या एक विकराल रूप धारण कर चुकी है। पर्यावरण के लिए यह संकट पैदा कर रही हैं। इसके प्रति कुछ व्यावहारिक सुझाव देता हरदीप राय शर्मा का आलेख प्रस्तुत कर रहे हैं। डा. हरदीप राय शर्मा कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय

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हिंदी साहित्य अध्ययन-अध्यापनः चुनौतियां और सरोकार

प्रोफेसर सुभाष चंद्र, हिंदी विभाग, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय,कुरुक्षेत्र  1922-25 के आस-पास बी.एच.यू. और इलाहाबाद में हिन्दी विभाग खुलने शुरू हुए थे। अभी  उच्च शिक्षा में एक विषय के तौर पर हिंदी साहित्य-अध्ययन के सौ साल भी नहीं हुए हैं, लेकिन हिंदी साहित्य के अध्ययन अध्यापन के भविष्य को लेकर चिंताएं प्रकट होने लगी हैं। आचार्य रामचंद्र शुक्ल ,बाबू श्याम सुंदर दास

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नवमीत – पूंजीवाद और स्वास्थ्य सेवाओं की बीमारी

भारतीय संविधान के भाग 3, आर्टिकल 21 में एक मूलभूत अधिकार दिया गया है जिसको “जीवन की रक्षा का अधिकार” कहा जाता है, और साथ ही संविधान में वर्णित राज्य के नीति निर्देशक तत्वों में “पोषाहार स्‍तर और जीवन स्‍तर को ऊंचा करने तथा लोक स्‍वास्‍थ्‍य को सुधार करने का राज्‍य का कर्तव्‍य” की बात कही गई है। इस प्रकार

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डॉ नवमीत – डेंगू के बारे में

डेंगू के बारे में चंद बातें डॉ नवमीत आजकल देश में डेंगू फैला हुआ है और हजारों लोग इसकी चपेट में हैं। कई लोगों की मृत्यु हो चुकी है और जनता में दहशत का माहौल है। तरह तरह की अफवाहें भी फैली हुई हैं। ऐसे में जरूरी है कि इस बीमारी के बारे में सही जानकारी जनता तक पहुंचे। सबसे

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नरेश कुमार – हरियाणा में स्कूली शिक्षा की बिगड़ती स्थिति

हरियाणा में स्कूली शिक्षा की तस्वीर आए दिन लगातार धुंधली होती जा रही है। हाल ही में राज्य सरकार ने प्रदेश में 25 हजार नए शिक्षकों की नियुक्ति का ऐलान किया है। पिछले दिनों से नए शिक्षकों की भर्ती के लिए आ रही नए-नए नियमों की खबरें असमंजस की स्थिति में ही बढ़ोतरी कर रही है। इन शिक्षकों की भर्ती

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कमलानंद झा – परीक्षा से अधिक कठिन है मूल्यांकन

मेरे बिहार (वैसे लगभग पूरे देश में) में मूल्यांकन के संदर्भ में एक फिकरा अत्यंत प्रसि़द्ध है कि एक साल की पढा़ई तीन घंटे की लिखाई और तीन मिनट की जंचाई। अर्थात विद्यार्थी एक वर्ष तक कमर तोड़ परिश्रम से पढ़ता है और पूरे एक वर्ष तक पढ़े हुए ज्ञान को अभिव्यक्त करने के लिए उसे  सिर्फ तीन घंटे का

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सुरेन्द्र ढिल्लों – बाजार के हवाले शिक्षा

शिक्षा हरियाणा प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र  में आए परिवर्तनों पर जैसे ही नजर जाती है, तो यह बात स्पष्ट रूप से दिखाई पड़ती है कि प्रदेश में विद्यालयों-महाविद्यालयों व विश्वविद्यालयों की संख्या में भारी वृद्धि हुई। शिक्षण संस्थाओं की बढ़ती संख्या का यह सिलसिला आज भी बदस्तूर जारी है। राज्य की विभिन्न सरकारों ने इसे शिक्षा के प्रसारीकरण का

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