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चुराही पहेलियां (फड़ौणी)

Post Views: 313 चुराही (चंबा जिले के चुराह तहसील की पहाड़ी बोली) में पहेलियों को फड़ौणी कहा जाता है। जब बर्फ गिर रही होती है तो घर के सारे सदस्य…

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हिमाचली व्यंजन

Post Views: 475 – अर्शदीप सिंह बिच्छु बूटी की सब्जी यह एक जहरीला पौधा है। हरे रंग और पान के आकार के पत्तों वाले इस पौधे पर असंख्य कांटे होते…

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शंवाई-पंझेई – दो लड़कियों की बलि देकर बनाया गया था शिव मंदिर

Post Views: 274 – अर्शदीप सिंह चंबा जिले की सुंदर वादियों में स्थित है एक छोटी सी तहसील चुराह। चुराह तहसील ऊंचे पहाड़ों पर बसने वाले दो गांव इस इलाके…

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डेरों व मठाधीशों के प्रवचन-उपदेश’  सांस्कृतिक शून्यता में क्षणिक राहत  – बूटा सिंह सिरसा    

Post Views: 501 सिरसा डेरा के मामले में कोर्ट का फैसला आया है। उसके बाद हुई  हिंसा व आगजनी से जानमाल के नुकसान की खबरें मीडिया ने चटखारे ले लेकर…

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प्रेम विवाह – डा. कामिनी साहिर 

Post Views: 402 हमारे यहां मनुष्य को सामाजिक प्राणी कहा गया है, विदेशी भाषा में इसका रूपान्तर सामाजिक पशु है। दोनों मनुष्य की परिभाषा  हेतु पर्यायवाची शब्द हैं परन्तु विदेशी…

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पानीपत थर्मल प्लांट का पास-परिवेश – आशु वर्मा/अंशु मालवीय

Post Views: 454 जवाहर लाल नेहरू ने जिन बड़े सार्वजनिक प्रतिष्ठानों को आधुनिक युग के मंदिर और ‘कमांडिंग हाइट्स’ कहा था, उन्हीं में से एक, इस प्लांट के आसपास की…

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लेखकीय सरोकार की अनूठी यात्राएं

Post Views: 246 (बाबा भलखू हिमाचल के विश्वविख्यात पर्यटन स्थल चायल स्थित झाझा गांव के अनपढ़ मजदूर थे जिन्होंने अंग्रेजी राज में शिमला कालका रेल का सर्वे किया था और…

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मार्क्स के जन्म को दो सौ साल पूरे हो चले – अमन वासिष्ठ

Post Views: 222 (मार्क्स के जन्म को दो सौ साल हो चुके हैं, मार्क्स ने समाज को नए ढंग से व्याख्यायित किया। द्वंद्वात्मक भौतिकवाद, ऐतिहासिक भौतिकवाद, वर्ग-संघर्ष के सिद्धांतों को…