placeholder

मार्क्स के जन्म को दो सौ साल पूरे हो चले – अमन वासिष्ठ

Post Views: 218 (मार्क्स के जन्म को दो सौ साल हो चुके हैं, मार्क्स ने समाज को नए ढंग से व्याख्यायित किया। द्वंद्वात्मक भौतिकवाद, ऐतिहासिक भौतिकवाद, वर्ग-संघर्ष के सिद्धांतों को…

placeholder

रात भर लोग अंधेरे की बलि चढ़ते हैं – ओम सिंह अशफाक

Post Views: 245 ओमसिंह अशफाक  आबिद आलमी (4-6-1933—9-2-1994) पिछले दिनों अम्बाला में तरक्की पसंद तहरीक में ‘फिकोएहसास के शायर’ जनाब आबिद आलमी हमसे हमेशा के लिए बिछड़ गए। उनका मूल…

placeholder

मंहगाई डायन खाए जात है -डा. सुभाष चंद्र

Post Views: 368 मंहगाई की प्राकृतिक आपदा या संकट नहीं है, बल्कि इसके पीछे निहित स्वार्थ हैं। वे स्वार्थ हैं अधिक से अधिक लाभ कमाने के। पूंजीवादी व्यवस्था लाभ पर…

placeholder

1857, किस्सा सदरूद्दीन मेवाती का – सहीराम 

Post Views: 1,175 नौटंकी पात्र : नट तथा नटी। दो देहाती (बार-बार उन्हीं को दोहराया जा सकता है),एक ढिढ़ोरची (दो देहातियों में एक हो सकता है या नट भी हो…

placeholder

सुनील 'थुआ’ – विकलांग जन दया नहीं अधिकार की दरकार

Post Views: 1,142 विकलांग जन हमारे देश की आजादी के 70 साल पूरे होने जा रहे हैं, परन्तु एक वर्ग  अपनी पहचान और नाम के लिए तरस रहा है। हम…

करनाल : कर्ण नगरी से स्मार्ट सिटी – दुलीचन्द रमन

Post Views: 911 करनाल शहर ने इन 50 सालों में काफी बदलाव देखे हैं।  जिला सचिवालय, तहसील, सैशन कोर्ट अब नए स्थानों पर जा चुके हैं। शहर के सिनेमा घरों…

placeholder

गुड़गांव से गुरुग्राम तक – जगदीप सिंह

Post Views: 1,049 शहर भले ही गुड़गांव बतौर नाम अब गुरुग्राम हो जाये लेकिन साइबर सिटी, मिलेनियम सिटी जैसे खिताब उसके साथ जुड़ चुके हैं। इस महानगर की अहमियत व्यावसायिक…