शहीद भगत सिंह और जलियाँवाला बाग के कुछ अनछुए प्रसंग

लेखक व सामाजिक कार्यकर्ता सुरेन्द्रपाल सिंह द्वारा प्रसिद्ध चितंक व शहीद भगत सिंह के भानजे प्रो.जगमोहन सिंह जी का साक्षात्कार। 13 अगस्त 2019 की सुबह हरिजन सेवक संघ, गांधी आश्रम,…

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वाघा-अटारी बॉर्डर : जश्न रिश्तों के अलगाव का

अंजू आजादभारत विभाजन की दास्तान को बयान करती पहली विभाजन रेखा वाघा -अटारी सीमा। जिसके एक तरफ भारत में अटारी गाँव और पाकिस्तान में वाघा गाँव स्थित है। बहुत सुना था…

धार्मिक पूर्वाग्रहों की छाया में भोजन – सुभाष गाताड़े

भोजन को लेकर अलग अलग समुदायों/सम्प्रदायों में अलग-अलग तरह की बंदिशें बनी हैं, जो कई बार एक-दूसरे के ख़िलाफ़ भी दिखती हैं।  वर्णसमाज को ही देखें जिसने भोजन को ‘सात्विक’…

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गढ़ घासेड़ा – ऐतिहासिक गांव – सिद्दीक अहमद मेव

 सिद्दीक अहमद मेव (सिद्दीक अहमद मेव पेशे से इंजीनियर हैं, हरियाणा सरकार में कार्यरत हैं। मेवाती समाज, साहित्य, संस्कृति के  इतिहासकार हैं। इनकी मेवात पर कई पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी…

कनाडाः  शान्तिपूर्ण सहअस्तित्व की मिसाल – सुरेंद्र पाल सिंह

 सुरेन्दर पाल सिंह                  ( हर समाज-देश की एक विशिष्ट संस्कृति है। मानव के विकास क्रम में आबादियां एक जगह से दूसरी जगह जाकर बसती रही हैं। जिससे मनुष्य एक…

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एक नदी के गंदे नाले में बदल जाने का सफर – पंकज चतुर्वेदी

पंकज चतुर्वेदी आज के हिंदुस्तान के सम्पादकीय पर यह लेख बहुत दुःख के साथ, हमारी काहिली के प्रति रोष के साथ है, काश इस लोकसभा चुनाव में आप वोट मांगने…

मैं क्यों लिखता हूं? – दिनेश दधिची

  डॉ. दिनेश दधीचि (दिनेश दधीचि स्वयं उच्च कोटि के कवि व ग़ज़लकार हैं। और विश्व की चर्चित कविताओं के हिंदी में अनुवाद किए हैं, जिंन्हें इन पन्नों पर आप…

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मैक्सिम गोर्की का पत्र रूसी कामरेडों के नाम

मैक्सिम गोर्की का पत्र रूसी कामरेडों के नाम गरीबी की क्रूरता के विरुद्ध संघर्ष का अर्थ है, दुनिया में फैले उत्पीडऩ के जाल से मुक्ति के लिए छेडी गई जंग,…

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सासड़ होल़ी खेल्लण जाऊंगी- मंगत राम शास्त्री

मंगतराम शास्त्री सासड़ होल़ी खेल्लण जाऊंगी, बेशक बदकार खड़े हों। री मनै पकड़ना चावैंगे, जाणूं सूं जाल़ बिछावैंगे ना उनकै काबू आऊंगी, कितनेए हुशियार खड़े हों। हेरी इसा कोरड़ा मारूंगी,…

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म्हारै गाम का चौकीदार

म्हारै गाम का चौकीदार बोहत टैम पहल्यां की बात सै। म्हारै गाम म्हं एक चौकीदार था। उसके बोहत सारे काम थे। गाम कुछ भी होंदा उसका गोहा (संदेशा, मुनियादी) उसने…