Category: विविध

कबीर और बाबा नागार्जुन के बहाने – योगेश

Post Views: 37 योगेश शर्मा कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र के हिंदी विभाग में शोधार्थी हैं और देस हरियाणा पत्रिका टीम का हिस्सा हैं। नई सदी के पहले दो दशकों की हिंदी

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ओ मेरी कविता कहाँ हैं तेरे श्रोता ? – राजेश जोशी

Post Views: 30 ओ मेरी कविता कहाँ हैं तेरे श्रोता? कमरे में कुल बारह लोग और आठ खाली कुर्सियाँ- चलो अब शुरू करते हैं यह सांस्कृतिक कार्यक्रम कुछ लोग और

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सूत की डोरी – योगेश

Post Views: 40 योगेश शर्मा कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र के हिंदी विभाग में शोधार्थी हैं। आधुनिक हिंदी कविता को भाषा बोध और दर्शन के परिप्रेक्ष्य में देखने समझने में रूचि है।

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श्री करतारपुर साहब (पाकिस्तान) की यात्रा – सुरेंद्र पाल सिंह

Post Views: 42 जन्म – 12 नवंबर 1960 शिक्षा – स्नातक – कृषि विज्ञान स्नातकोतर – समाजशास्त्र सेवा – स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से सेवानिवृत लेखन – सम सामयिक मुद्दों

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देसहरियाणा पत्रिका के अंक

Post Views: 131 सत्यशोधक महात्मा फुले देस हरियाणा – 43 देस हरियाणा – 38-39 देस हरियाणा -37 देस हरियाणा – 36 देस हरियाणा – 35 देस हरियाणा – 33-34 देस

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बड़ी माता का निकलना: लोकजीवन में आस्था और परिवर्तन – सुरेन्द्र पाल सिंह

सुरेन्द्र पाल सिंह रिटायर्ड बैंक अधिकारी हैं और एक सक्रीय समाज सेवी हैं। हरियाणा और उसके आस पास के इलाके के इतिहास और लोक विश्वासों की विशेष समझ रखते हैं। विभिन्न प्रगतीशील पत्र- पत्रिकाओं में इनके लेख निरंतर प्रकाशित होते रहते हैं। हाल ही में इनकी ‘बाईटिगोंग’ पुस्तक प्रकाशित हुई है। वर्तमान में हरियाणा के पंचकूला में रहते हैं। सम्पर्क- 9872890401 … Continue readingबड़ी माता का निकलना: लोकजीवन में आस्था और परिवर्तन – सुरेन्द्र पाल सिंह

शेयर बाज़ार जुआखाना है, यह बंद होना चाहिए – राजेंद्र चौधरी

Post Views: 34 हाल ही में तमिलनाडू सरकार ने ऑनलाइन जुआ एवं जुए सरीखे ऑनलाइन खेलों पर रोक लगाने का क़ानून पास किया है. पारित विधेयक के पक्ष में तर्क

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आओ नया समाज बनाएं – राजेंद्र चौधरी

बुनियादी एवं व्यापक बदलाव के लिए अंतत आम जन का, सत्ता से वंचित तबकों का संगठित होना ज़रूरी है. केवल एक पार्टी या नेता के पक्ष में वोट डालने के लिए नहीं अपितु बहुसंख्यक आबादी के हक़ में देश को चलाने के लिए. ज़रूरत इस बात कि है कि पूरा समय शासन व्यवस्था की नकेल प्रभावी रूप से जनता के हाथ में रहे. पॉँच साल में एक बार नहीं अपितु पूरे पॉँच साल लगातार शासन करने वालों में जनता के प्रति जवाबदेही का भाव रहे और जनता की सत्ता में बैठे लोगों पर कड़ी निगाह रहे. … Continue readingआओ नया समाज बनाएं – राजेंद्र चौधरी

मोरनी हिल्ज़ः नरबलि और उसके बाद – सुरेंद्र पाल सिंह

Post Views: 557 हरियाणा के एकमात्र हिल स्टेशन मोरनी हिल्ज़ की खूबसूरत वादियों में हरी भरी पहाड़ियाँ, एक पुराना क़िला, घग्गर नदी का उतरता चढ़ता हुआ बहाव, पानी का एक

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बुद्धिवाद : पाखंड व अन्धविश्वास से मुक्ति का मार्ग – पेरियार

जो सुना जाता है; जो लिखा गया है; जो लम्बे समय से होता आ रहा है; जो बहुतों के द्वारा माना जाता है या जो ईश्वर के द्वारा कहा गया है; उस पर विवेकशील लोगों को तुरन्त ही विश्वास नहीं करना चाहिए। जो कुछ भी हमें आश्चर्यजनक लगता है, उसे तुरन्त ही दिव्य या चमत्कारी नहीं मान लेना चाहिए। हर परिस्थिति में हमें स्वतंत्र रूप से तर्कसंगत और निष्पक्ष रूप से सोचने के लिए तैयार रहना चाहिए। … Continue readingबुद्धिवाद : पाखंड व अन्धविश्वास से मुक्ति का मार्ग – पेरियार