पंज प्यारे – जातिवाद पर कड़ा प्रहार और जनवाद का प्रतीक

अपना शीश देने के लिए तैयार हुए पांचों व्यक्तियों में से ज्यादा समाज द्वारा नीची समझी जाने वाली जातियों में थे और खासतौर पर दस्तकार थे। उनमें से एक खत्री था, एक जाट, एक धोबी, एक नाई और एक कुम्हार था। इस से पता चलता है कि गुरु गोबिंद सिंह जी को तमाम जातियों और खासकर छोटी समझी जाने वाली जनता का अपार समर्थन था। उसे मेहनतकश किसान और मजदूरों का समर्थन हासिल था। उसे व्यापारी वर्ग का समर्थन था।

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हरियाणा का इतिहास-प्रतिहारों तथा तोमरों का शासन – बुद्ध प्रकाश

Post Views: 194 बुद्ध प्रकाश हर्ष के पश्चात् उत्तरी भारत इतना कमजोर हो गया कि उस पर कोई भी कब्जा कर सकता था। चीन-तिब्बती आक्रमण से स्थिति अनिश्चित हो गई।…

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हरियाणा का इतिहास-गज़नी तथा काश्मीर से आक्रमण – बुद्ध प्रकाश

Post Views: 528 बुद्ध प्रकाश ग्यारहवीं शती में, तोमर यद्यपि प्रतिहारों से स्वतंत्र हो गए थे, तथापि उन्हें गजनवी-तुर्कों के आक्रमणों का सामना करना पड़ा। 1014 में महमूद गजनवी ने…

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हरियाणा का इतिहास-आर्थिक समृद्धि तथा सांस्कृतिक विकास – बुद्ध प्रकाश

Post Views: 217 बुद्ध प्रकाश प्रतिहारों तथा तोमरों के शासन के दौरान हरियाणा में व्यापार, कला तथा संस्कृति सर्वोच्च शिखर पर पहुंच गई, जिसका आभास हमें दशवीं शताब्दी में लिखित…

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हरियाणा का इतिहास-कुरुक्षेत्र तथा कम्बोडिया – बुद्ध प्रकाश

Post Views: 967 बुद्ध प्रकाश                प्रगति तथा समृद्धि के इस काल में हरियाणा के लोग विदेशों में जाकर बस गए और वहां बस्तियां…

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कुछ स्मरणीय सूक्तियां-गांधी का भारत

Post Views: 592 गांधी जी की कुछ स्मरणीय सूक्तियां- हमें ये सारी बातें भुला देनी हैं कि ‘मैं हिंदू हूं, तुम मुसलमान हो’, या ‘मैं गुजराती हूं, तुम मद्रासी हो।’…

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ज़िन्दा जला कर शहीद कर दिया था क्रांति कुमार को – राम मोहन राय

Post Views: 299 क्रांति कुमार कौन? नौजवान भारत सभा का पहला महासचिव । शहीद भगत सिंह का चहेता प्यारा दोस्त । जेल में रहते ही तो भगत सिंह ने इसे…

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राजगुरू, सुखदेव व भगत सिंह की शहादत पर – बाबा साहेब भीम राव अम्बेडकर संपादकीय लेख

Post Views: 519 समसामयिक विचार (जनता, 13 अप्रैल 1931) भगतसिंह, सुखदेव और राजगुरू इन तीनों को अन्ततः फांसी पर लटका दिया गया। इन तीनों पर यह आरोप लगाया गया कि…

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तुर्कों की निरंकुशता के विरुद्ध-संघर्ष – बुद्ध प्रकाश

Post Views: 563 बुद्ध प्रकाश 24 जून, 1206 को कुतबुद्दीन ऐबक दिल्ली के राजसिंहासन पर बैठा और उत्तरी भारत के तुर्क राज्य की प्रतिष्ठापना की। मध्यवर्ती एशिया के धर्मांध तथा…

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हरियाणा का इतिहास-अल्पतंत्रीय वर्ग का उत्थान – बुद्ध प्रकाश

Post Views: 291 बुद्ध प्रकाश यौधेयों ने, जिनके विषय में पहले उल्लेख किया जा चुका है, ई, पू.  की प्रथम तथा द्वितीय शताब्दी के उत्तरार्ध में अपनी मुद्रा चला कर…