हिंदी में विश्व कविता – हरिमोहन शर्मा

विश्व के प्रसिद्ध कवियों की कविताएँ हिंदी में लाने का अनूठा काम ‘तनाव’ पत्रिका के माध्यम से वंशी माहेश्वरी पिछले पचास वर्षों से यह काम बखूबी कर रहे हैं। खुशी की बात है कि यह पत्रिका मात्र दस रुपये में अब भी छप रही है। संभावना प्रकाशन हापुड़ से इनका यह काम तीन खंडों में छप कर आगया है। इसमें 33 देशों के 103 कवियों की कविताएँ संकलित हैं। प्रस्तुत है यहां इसका संक्षिप्त परिचय- हरिमोहन शर्मा )

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यह किताब हिमाचल के बारे में आपके नजरिए को बदल सकती है – उत्तम सिंह

इस पृष्ठभूमि के खिलाफ, यदि हम गगनदीप सिंह की नई पुस्तक विद्रोह को देखते हैं, तो हम पाते हैं कि यह पुस्तक केवल अस्थायी रूप से नई नहीं है बल्कि नयी भी है क्योंकि यह इतिहास की एक दृष्टि स्थापित करने की कोशिश करता है जो न केवल जन-समर्थक है बल्कि शासक वर्ग के खिलाफ उत्पीड़ित और शोषित वर्गों द्वारा किए गए संघर्षों पर भी विचार करता है।

‘उजाले हर तरफ़ होंगे’ (मनजीत भोला) की समीक्षा- डॉ० दिनेश दधीचि

प्रस्तुत समीक्षा का पाठ डॉ. दिनेश दधिची द्वारा 03.12.2021 को हिंदी विभाग, कुरुक्षेत्र विश्विद्यालय कुरुक्षेत्र एवं देस हरियाणा पत्रिका के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित “उजाले हर तरफ होंगे” ग़ज़ल संग्रह पर केन्द्रित समीक्षा गोष्ठी में किया गया था.

मनजीत भोला: हिंदी ग़ज़ल में एक नया नाम – योगेश शर्मा

प्रस्तुत समीक्षा का पाठ 03.12.2021 को हिंदी विभाग, कुरुक्षेत्र विश्विद्यालय कुरुक्षेत्र एवं देस हरियाणा पत्रिका के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित “उजाले हर तरफ होंगे” ग़ज़ल संग्रह पर केन्द्रित समीक्षा गोष्ठी में किया गया था.

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हरियाणा में प्रजामण्डल आन्दोलन और तत्कालीन परिदृश्य – सुरेन्द्रपाल सिंह

प्रजामंडल आंदोलन के अग्रणी नेता चौ. निहाल सिंह तक्षक के जीवन पर आधारित पुस्तक ‘चौ० निहाल सिंह तक्षक -विलीनीकरण अभियान के महानायक’ पुस्तक तत्कालीन सामाजिक-राजनैतिक हलचलों पर पर्याप्त प्रकाश डालती है।पुस्तक के संकलनकर्ता व लेखक डॉ. प्रकाशवीर विद्यालंकार हैं। हरियाणवी समाज की क्षेत्र विशेष गतिकी की बेहतर समझ और विमर्श के लिए यह पुस्तक महत्वपूर्ण है।

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कुर्सी के लिए कत्ल- गोपाल प्रधान

Post Views: 23 2019 में शब्दलोक प्रकाशन से छपी किताब ‘सत्ता की सूली’ को तीन पत्रकारों ने मिलकर लिखा है। इस किताब ने वर्तमान पत्रकारिता को चारण गाथा होने से…

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भौतिकवाद को हिंदी में विकसित और स्थापित करने का समर – गोपाल प्रधान

Post Views: 19 हिंदी भाषा में कुछ भी वैचारिक लिखने की कोशिश खतरनाक हो सकती है। देहात के विद्यार्थियों के लिए कुंजी लिखना ही इस भाषा का सर्वोत्तम उपयोग है।…

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खेती का इतिहास – गोपाल प्रधान

Post Views: 63 पठनीय पुस्तक 2020 में राष्ट्रीय पुस्तक न्यास यानी नेशनल बुक ट्रस्ट से प्रकाशित सुषमा नैथानी की किताब ‘अन्न कहाँ से आता है’ सही अर्थ में हिंदी की…

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मुग़लकालीन किसान आंदोलन – सूरजभान भारद्वाज

Post Views: 55 मुग़लकालीन किसान आंदोलन से संबंधित इतिहास के विद्वानों ने बहुत कम लिखा है। बहुत पहले इरफ़ान हबीब ने अपनी पुस्तक, Agrarian System of Mughul India 1963  प्रकाशित की थी।…

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पीठासीन अधिकारीः बेहतरीन कहानियों का गुलदस्ता- अरुण कुमार कैहरबा

Post Views: 47 हरियाणा के जिला यमुनानगर के जाने-माने कथाकार ब्रह्म दत्त शर्मा का तीसरा कहानी संग्रह ‘पीठासीन अधिकारी’ बीते वर्ष के आखिरी चरण में के.एल. पचौरी प्रकाशन, गाजियाबाद से…