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साझी संस्कृति

पीर बुद्धू शाह – सुरेन्द्रपाल सिंह

पीर बुद्धू शाह अपने चार पुत्रों, दो भाइयों और 700 अनुयायियों के साथ सढोरा से चलकर गुरु गोबिन्द सिंह के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़े। इस लड़ाई में गुरु की फौज को जीत तो हासिल हुई, लेकिन पीर बुद्धू शाह के दो पुत्र अशरफ शाह और मोहम्मद शाह व भाई भूरे शाह शहीद सहित 500 अनुयायी शहीद हुए।

बुद्ध के सिंद्धांत और उपदेश – डा. भीमराव आंबेडकर

डा. आंबेडकर ने एक पुस्तक लिखी 'बुद्ध अथवा कार्ल मार्क्स '। इसमें दोनों दार्शनिकों के सिद्धातों की तुलना की।उन्होंने यह इस उम्मीद से किया था कि...

सिख गुरूओं का विश्वसपात्र था मेव समुदाय – सिद्दीक अहमद ‘मेव’

  पँजाब में मेवों (मद्रों) की उपस्थिति क प्रमाण तो महाभारत काल से ही मिलते है , मगर सिंकदर के आक्रमण (326 ई.पू.) के...

गांधी का भारत

  गांधी के विचार 'गांधी का भारत : भिन्नता में एकता'  नामक पुस्तक से जिसका अनुवाद किया है सुमंगल प्रकाश ने। 1.  ‘हिंद स्वराज’ से,  ...