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बन्दानवाज

1322 ई. में बंदा नवाज का जन्म हुआ। बंदा नवाज का पूरा नाम था सैयद मुहम्मद बिन सैयद युसुफुल अरूफ। इनके बाल बहुत बड़े-बड़े थे। अतः लोग इन्हें गेसू दराज (गेसू-बाल, दराज-बड़ा) भी कहते थे। इस समय ये ख्वाजा बन्दे नवाज गेसूदराज के नाम से स्मरण किए जाते हैं।

पीर बुद्धू शाह – सुरेन्द्रपाल सिंह

पीर बुद्धू शाह अपने चार पुत्रों, दो भाइयों और 700 अनुयायियों के साथ सढोरा से चलकर गुरु गोबिन्द सिंह के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़े। इस लड़ाई में गुरु की फौज को जीत तो हासिल हुई, लेकिन पीर बुद्धू शाह के दो पुत्र अशरफ शाह और मोहम्मद शाह व भाई भूरे शाह शहीद सहित 500 अनुयायी शहीद हुए।

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सिख गुरूओं का विश्वसपात्र था मेव समुदाय – सिद्दीक अहमद मेव

Post Views: 399   पँजाब में मेवों (मद्रों) की उपस्थिति क प्रमाण तो महाभारत काल से ही मिलते है , मगर सिंकदर के आक्रमण (326 ई.पू.) के समय से प्रमाण…

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गांधी का भारत

Post Views: 1,108   गांधी के विचार ‘गांधी का भारत : भिन्नता में एकता’  नामक पुस्तक से जिसका अनुवाद किया है सुमंगल प्रकाश ने। 1.  ‘हिंद स्वराज’ से,    2….

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सांप्रदायिक समस्या का हल – महात्मा गांधी

Post Views: 263 महात्मा गांधी हिंदू इतिहासकारों ने और मुसलमान इतिहासकारों ने पक्के-से-पक्के प्रमाण देकर हमें बताया है कि तब भी हम आज के मुकाबले ज्यादा मेल-मुहब्बत के साथ रह…

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महात्मा गांधीः धर्म और साम्प्रदायिकता – डा. सुभाष चंद्र

Post Views: 747 साम्प्रदायिकता आधुनिक युग की परिघटना है। अंग्रेजों ने भारत की शासन सत्ता संभाली तो राजनीति और आर्थिक व्यवस्था प्रतिस्पर्धात्मक हो गई। अंग्रेजी शासन में हिन्दुओं व मुसलमानों…

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मैं हिन्दू भी हूं और मुसलमान भी

Post Views: 274 विनोबा भावे रामकृष्ण परमहंस ने इस्लाम, ईसाई आदि अन्य धर्मों की उपासना की थी, उनकी प्रत्यक्ष अनुभूति प्राप्त करने के लिए साधना की थी और सब धर्मों…

पंज प्यारे – जातिवाद पर कड़ा प्रहार और जनवाद का प्रतीक

अपना शीश देने के लिए तैयार हुए पांचों व्यक्तियों में से ज्यादा समाज द्वारा नीची समझी जाने वाली जातियों में थे और खासतौर पर दस्तकार थे। उनमें से एक खत्री था, एक जाट, एक धोबी, एक नाई और एक कुम्हार था। इस से पता चलता है कि गुरु गोबिंद सिंह जी को तमाम जातियों और खासकर छोटी समझी जाने वाली जनता का अपार समर्थन था। उसे मेहनतकश किसान और मजदूरों का समर्थन हासिल था। उसे व्यापारी वर्ग का समर्थन था।

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ज़िन्दा जला कर शहीद कर दिया था क्रांति कुमार को

Post Views: 278 क्रांति कुमार कौन? नौजवान भारत सभा का पहला महासचिव । शहीद भगत सिंह का चहेता प्यारा दोस्त । जेल में रहते ही तो भगत सिंह ने इसे…