Category: देस हरियाणा

अक़्लमंद हो तो क्या लिखो ? – हिमांशु कुमार दंतेवाड़ा

Post Views: 46 ‘रूप, रंग, गंध लिखो मन की उड़ान हो गई जो स्वच्छंद लिखो तितली लिखो, फूल लिखोरेशम लिखो, प्रेम लिखोजो भी लिखोप्रशंसा, पैसा और सम्मान के ज़रूरतमंद लिखोचमक

Continue readingअक़्लमंद हो तो क्या लिखो ? – हिमांशु कुमार दंतेवाड़ा

ग़ज़लें – मनजीत भोला

Post Views: 39 मनजीत भोला की ग़ज़ल आम आदमी की ग़ज़ल है, आम आदमी से भी बढ़कर वह हाशिए पर जबरन धकेल दिए गए लोगों की ग़ज़ल है। भोला को

Continue readingग़ज़लें – मनजीत भोला

कुंठित व्यक्ति क्रांति नहीं ला सकते : महादेवी वर्मा

Post Views: 39 किताबों में देखी तसवीर से रत्तीभर भी अंतर नहीं। वैसा ही सौम्य चेहरा, 80 वर्ष की हो जाने के कारण चेहरे पर झुर्रियां, उनमें झलकती एक युग

Continue readingकुंठित व्यक्ति क्रांति नहीं ला सकते : महादेवी वर्मा

महात्मा गांधी – रविन्द्र नाथ टैगोर

Post Views: 51 भारतवर्ष की अपनी एक सम्पूर्ण भौगोलिक प्रतिभा है। पूर्व-प्रान्त से लेकर पश्चिम- प्रान्त तक, उत्तर में हिमालय से लेकर दक्षिण में कन्याकुमारी तक भारत की जो एक

Continue readingमहात्मा गांधी – रविन्द्र नाथ टैगोर

भगत सिंह की कुरबानी पर आल्हा गाने निकला हूँ – शैलेन्द्र सिंह

Post Views: 85 भगत सिंह की कुरबानी पर आल्हा गाने निकला हूँ,आज़ादी के दर्पण की मैं धूल हटाने निकला हूँ।शत-शत कोटिक नमन लेखनी भगत सिंह की करनी को,ऐसा बालक जनने

Continue readingभगत सिंह की कुरबानी पर आल्हा गाने निकला हूँ – शैलेन्द्र सिंह

देवताओं के विरुद्ध कविता – योगेश

Post Views: 193 कविता,क्या तुम नहीं जानती कि मैं कभी तुमसे अलग नहीं हो सकता? क्या मैं अपने अंतर में जन्म लेने वाली सभी खुशियों, सभी आंसुओं से अलग हो

Continue readingदेवताओं के विरुद्ध कविता – योगेश

बुद्ध की कहानी और शिक्षा – जवाहर लाल नेहरु

Post Views: 51 बुद्ध की कहानी बुद्ध की कहानी ने मुझे बचपन में ही आकर्षित किया था और मैं युवा सिद्धार्थ की तरफ खिंचा था, जिसने बहुत-से अन्तद्वंद्वों, दुःख और

Continue readingबुद्ध की कहानी और शिक्षा – जवाहर लाल नेहरु

स्वतंत्रता आंदोलन की चेतना से सराबोर बाल उपन्यासिका – अरुण कैहरबा

Post Views: 41 पुस्तक समीक्षापुस्तक : जीतेंगे हमलेखक : साबिर हुसैनप्रकाशक : राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारतपृष्ठ-56मूल्य : रु. 90. स्वतंत्रता आंदोलन की चेतना से सराबोर बाल उपन्यासिकाकिताब पाठकों में पैदा कर

Continue readingस्वतंत्रता आंदोलन की चेतना से सराबोर बाल उपन्यासिका – अरुण कैहरबा

जैसा भोजन वैसे मनुष्य का दर्शन – मुद्राराक्षस

Post Views: 68 उन्नीसवीं सदी के समाज विचारक और दार्शनिक लुडविग फायर बाख ने मनुष्य की सामाजिक ऐतिहासिक भूमिका पर विचार करते हुए एक बहुत दिलचस्प बात की थी- मनुष्य

Continue readingजैसा भोजन वैसे मनुष्य का दर्शन – मुद्राराक्षस

लघुकथाएँ – खलील जिब्रान

Post Views: 38 1. इंसाफ़ एक रात शाही महल में एक भोज हुआ। इस मौके पर एक आदमी आया और उसने शहजादे के सामने नमन किया। सभी मेहमान उसकी तरफ़

Continue readingलघुकथाएँ – खलील जिब्रान