placeholder

तखत बदलग्ये, ताज बदलग्ये – कर्मचंद केसर

Post Views: 157 हरियाणवी ग़ज़ल तखत बदलग्ये, ताज बदलग्ये। रजवाड्याँ के राज बदलग्ये। सुख-दुक्ख म्हं थे साथी लोग, इब आपस की लिहाज बदलग्ये। बीन-बांसरी ढोल नगाड़े, गाण-बजाण के साज बदलग्ये।…

placeholder

हालात तै मजबूर सूं मैं – कर्मचंद केसर

Post Views: 221 हरियाणवी ग़ज़ल हालात तै मजबूर सूँ मैं। दुनियां का मजदूर सूँ मैं। गरीबी सै जागीर मेरी, राजपाट तै दूर सूँ मैं। कट्टर सरमायेदारी नैं। कर दिया चकनाचूर…

placeholder

सीली बात रात चान्दनी आए याद पिया – कर्मचंद केसर

Post Views: 207 हरियाणवी ग़ज़ल सीली बात रात चान्दनी आए याद पिया। चन्दा बिना चकौरी ज्यूँ मैं तड़फू सूँ पिया। तेरी याद की सूल चुभी नींद नहीं आई, करवट बदल-बदल…

placeholder

दिल की बात सुनाऊँ क्यूकर – कर्मचंद केसर

Post Views: 108 हरियाणवी ग़ज़ल दिल की बात सुनाऊँ क्यूकर। अपणे जखम दिख्याऊँ क्यूकर। रिसवतखोरी चली कसुत्ती, अपणा काम कराऊँ क्यूकर। सास बहू म्हं रहै लड़ाई, इनका न्यां करवाऊँ क्यूकर।…

placeholder

राम नाम का कर ले जाप – कर्मचंद केसर

Post Views: 179 हरियाणवी ग़ज़ल राम नाम का कर ले जाप। मिटज्याँगे सब दुक्ख संताप। कलजुग के पहरे म्हं देक्खो, धरम घट्या अर बधग्या पाप। समझण आला ए समझैगा, तीरथाँ…

placeholder

ऐसे अपनी दुआ क़ुबूल हुई-बलबीर सिंह राठी

Post Views: 223  ग़ज़ल ऐसे अपनी दुआ क़ुबूल हुई,राह तक मिल सकी न मंजि़ल की,कारवाँ से बिछडऩे वालों को,उन की मंजि़ल कभी नहीं मिलती।खो गई नफ़रतों के सहरा1 में,प्यार की…

placeholder

ये अलग बात बच गई कश्ती -बलबीर सिंह राठी

Post Views: 241  ग़ज़ल ये अलग बात बच गई कश्ती,वरना साजि़श भंवर ने ख़ूब रची। कह गई कुछ वो बोलती आँखें,चौंक उट्ठी किसी की ख़ामोशी। हम तो लड़ते रहे दरिन्दों…

placeholder

पहले कोई ज़ुबाँ तलाश करूँ – बलबीर सिंह राठी

Post Views: 185  ग़ज़ल पहले कोई ज़ुबाँ तलाश करूँ,फिर नई शोखियाँ1 तलाश करूँ।अपने ख्वाबों की वुसअतों2 के लिए,मैं नये आसमां तलाश करूँ।मंजि़लों की तलाश में निकलूँ,मुस्तकिल3 इम्तिहाँ तलाश करूँ।मेरी आवारगी…

placeholder

कौन बस्ती में मोजिज़ा गर है -बलबीर सिंह राठी

Post Views: 147  ग़ज़ल कौन बस्ती में मोजिज़ा गर है, हौंसला किस में मुझ से बढ़ कर है। चैन    से   बैठने   नहीं   देता, मुझ में बिफरा हुआ समन्दर है।…

placeholder

कौन कहता है कि तुझको हर खुशी मिल जाएगी- बलबीर सिंह राठी

Post Views: 190  ग़ज़ल कौन कहता है कि तुझको हर खुशी मिल जाएगी, हां मगर इस राह में मंजि़ल नई मिल जाएगी। अपनी राहों में अंधेरा तो यक़ीनन है मगर,…