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पीछा करो उनका

ब्रजेश कृष्ण   बड़े चतुर हैं वे गजब के वाचाल और जादूगर रूमाल झटकते हैं तो उड़ने लगती हैं रंग-बिरंगी तितलियां खाली डिब्बों पर घुमाते हैं अपना हाथ और आसमान भर...

बहुत उत्साहित हैं वे

ब्रजेश कृष्ण  बहुत उत्साहित हैं वे इन दिनों वे नए और अच्छे और कलफ़दार कड़क कपड़े पहनकर आते हैं हमारे बीच पहले तो मैं जानता था उन सभी...

राजस्थानी कविताएं – रामस्वरूप किसान

https://youtu.be/NcKahwycKwQ राजस्थानी कविताएं - रामस्वरूप किसान 'हिवड़ै उपजी पीड़ सुप्रसिद्ध राजस्थानी लोक कवि रामस्वरूप किसान जी ने ये कविताएं देस हरियाणा द्वारा आयोजित तीसरे हरियाणा...

जलियांवाला बाग का बसन्त – सुभद्राकुमारी चौहान

  यहाँ कोकिला नहीं, काग हैं, शोर मचाते, काले काले कीट, भ्रमर का भ्रम उपजाते। कलियाँ भी अधखिली, मिली हैं कंटक-कुल से, वे पौधे, व पुष्प शुष्क हैं...