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निराशावादी – रामधारी सिंह ‘दिनकर’

Post Views: 101 पर्वत पर, शायद, वृक्ष न कोई शेष बचा धरती पर, शायद, शेष बची है नहीं घास उड़ गया भाप बनकर सरिताओं का पानी, बाकी न सितारे बचे…

भैंस का स्वर्ग – बालमुकुंद गुप्त

सन् 1905 में ‘स्फुट कविताएं’ नाम से बालमुकुंद गुप्त की कविताओं का संग्रह प्रकाशित हुआ। जिसमें उनकी समस्त कविताएं संकलित हैं। ‘भैंस का स्वर्ग’ गुप्त जी की पहली कविता है।

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ठाकुर का कुआँ – ओम प्रकाश वाल्मीकि

Post Views: 143 चूल्हा मिट्टी कामिट्टी तलाब कीतालाब ठाकुर का। भूख रोटी कीरोटी बाजरे कीबाजरा खेत काखेत ठाकुर का। बैल ठाकुर काहल ठाकुर काहल की मूठ पर हथेली अपनीफसल ठाकुर…

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ये सफर है तीरगी से रोशनी तक दोस्तो!

Post Views: 176  बलबीर राठी (16 अक्तूबर 2018 को बलबीर सिंह राठी का देहावसान हो गया। बलबीर सिंह राठी का जन्म अप्रैल 1933 में रोहतक जिले के लाखन माजरा गांव…

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लोग्गां की हुसयारी देक्खी – सत्यवीर नाहड़िया

Post Views: 101 लोग्गां की हुसयारी देक्खी, न्यारी दुनियादारी देक्खी। चोर-चोर की बात छोड़ इब, चोर-पुलिस म्हं यारी देक्खी। दरद मीठल़ा देग्यी बैरण, सूरत इतनी प्यारी देक्खी। घूम्मै नित अफसरी…

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बिखरे हुए ख्वाबों को – राजकुमार जांगड़ा ‘राज’

Post Views: 48 बिखरे हुए ख्वाबों को, एक साथ संजोना है गिरते भी रहना है चलते भी जाना है खुशियों सा कोलाहल  तो सिर्फ दिखावा है गायेगा सिर्फ वही आता…

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दिन – संगीता बैनीवाल

Post Views: 57  बाजरे की सीट्टियां पै खेत की मचाण पै चिड्ड़ियां की लुक-मिच्चणी संग खेल्या अर छुपग्या दिन। गोबर तैं लीपे आंगण म्ह हौळे हौळे आया दिन। टाबर ज्यूं…

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आम्बेडकर और रविदास – जयपाल

Post Views: 119 अधिकारी महोदयतुम चाहे जिस भी जाति से होंहम अपनी बेटी की शादी तुम्हारे बेटे से कर सकते हैंपर हमारी भी एक प्रार्थना हैसगाई से पूर्व तुम्हें अपने…

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एक दिन के अखबार का सच – डा. श्रेणिक बिम्बिसार

Post Views: 61 जवान ने खाई गोली सम्मान नहीं आई ए एस की मौज शहीद भगत सिंह की जन्म तिथि पर संशय बर्थ-डे गिफ्ट से वंचित पी.एम. एटमी करार लटका…