Author Archives: Prof. Subhash Chander

हरियाणा का इतिहास-आर्थिक समृद्धि तथा सांस्कृतिक विकास

बुद्ध प्रकाश प्रतिहारों तथा तोमरों के शासन के दौरान हरियाणा में व्यापार, कला तथा संस्कृति सर्वोच्च शिखर पर पहुंच गई, जिसका आभास हमें दशवीं शताब्दी में लिखित सोमदेव के ‘यशस्तिकलकचम्पू’ से मिलता है। उसका कथन है कि यौधेय देश, अर्थात् हरियाणा प्रदेश पृथ्वी को सुशोभित करता था तथा सुख-समृद्धियों से परिपूर्ण था। यहां के लोग धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष

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हरियाणा का इतिहास-कुरुक्षेत्र तथा कम्बोडिया

बुद्ध प्रकाश                प्रगति तथा समृद्धि के इस काल में हरियाणा के लोग विदेशों में जाकर बस गए और वहां बस्तियां बना लीं। सौभाग्यवश कम्बोडिया के एक उपनिवेश के संबंध में कुछ रोचक सूचना उपलब्ध है। वतफू के एक शिलालेख से यह स्पष्ट होता है कि मेकांग नदी के साथ का पूर्वी प्रदेश कुरुक्षेत्र

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कुछ स्मरणीय सूक्तियां-गांधी का भारत

गांधी जी की कुछ स्मरणीय सूक्तियां-   हमें ये सारी बातें भुला देनी हैं कि ‘मैं हिंदू हूं, तुम मुसलमान हो’, या ‘मैं गुजराती हूं, तुम मद्रासी हो।’ ‘मैं’ और ‘मेरा’ को हमें भारतीय राष्ट्रीयता की भावना के अंदर डुबो देना है। हम आजाद तभी होंगे, जब एक ही साथ जीने या मरने का निश्चय करने वालों की काफी बड़ी

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ज़िन्दा जला कर शहीद कर दिया था क्रांति कुमार को

क्रांति कुमार कौन? नौजवान भारत सभा का पहला महासचिव । शहीद भगत सिंह का चहेता प्यारा दोस्त । जेल में रहते ही तो भगत सिंह ने इसे क्रांति कुमार नाम दिया था । वास्तव में उनके हंस राज नाम का एक साथी पुलिस का मुखबिर बन गया तो भगत सिंह ने अपने इस दूसरे साथी जिसका भी नाम हंसराज था

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चुनाव आचार संहिता : आपके अधिकार और ‘उनकी’ ज़िम्मेदारी

चुनाव आचार संहिता : आपके अधिकार और ‘उनकी’ ज़िम्मेदारी मॉडल कोड ऑफ़ कंडक्ट एक तरह का ऐसा दस्तावेज है, जिसपर सभी राजनीतिक दलों की सहमति होती है। सामान्य भाषा में समझें तो पॉलिटिकल पार्टी अपने बरताव पर खुद ही नियंत्रण करने की प्रतिबद्धता जाहिर करती है। समय-समय खुद ही इसमें सुधार करते रहते हैं। अजय कुमार 14 Mar 2019   

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हरियाणा का इतिहास-चौहान तथा गौरी वंश के प्रमुख युद्ध-स्थल

बुद्ध प्रकाश बारहवीं शताब्दी में चौहान (चाहमन) शासक अर्णोराजा (1133-51) ने हरियाणा या अपने अजमेर अजायबघर शिलालेख में उल्लिखित हरितनक प्रदेश पर आक्रमण करके तोमरो को परास्त किया। परन्तु दिल्ली तथा हरियाणा पर अंतिम विजय लगभग 1156 में बीसलदेव या विग्रहराजा-6 ने प्राप्त की। उसने हरियाणा के लोगों भदनकों को परास्त करके तोमरो से दिल्ली और हांसी छीन लिए। संभव

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राजगुरू, सुखदेव व भगत सिंह की शहादत पर – बाबा साहेब भीम राव अम्बेडकर संपादकीय लेख

समसामयिक विचार (जनता, 13 अप्रैल 1931) भगतसिंह, सुखदेव और राजगुरू इन तीनों को अन्ततः फांसी पर लटका दिया गया। इन तीनों पर यह आरोप लगाया गया कि उन्होंने सान्डर्स नामक अंग्रेजी अफसर और चमनसिंह नामक सिख पुलिस अधिकारी की लाहौर में हत्या की। इसके अलावा बनारस में किसी पुलिस अधिकारी की हत्या का आरोप, असेम्ब्ली में बम फेंकने का आरोप

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तुर्कों की निरंकुशता के विरुद्ध-संघर्ष

बुद्ध प्रकाश 24 जून, 1206 को कुतबुद्दीन ऐबक दिल्ली के राजसिंहासन पर बैठा और उत्तरी भारत के तुर्क राज्य की प्रतिष्ठापना की। मध्यवर्ती एशिया के धर्मांध तथा लड़ाकू तुर्क देश के स्वामी बन गए। परन्तु उनका शासन इस्लाम-शासन तो नाममात्र का ही था, वास्तव में यह एक तुर्क अभिजातवर्गीय शासन था। उन्होंने अपने शोषण तथा निरंकुशता द्वारा लोगों का खूब

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हरियाणा का इतिहास-अल्पतंत्रीय वर्ग का उत्थान

बुद्ध प्रकाश यौधेयों ने, जिनके विषय में पहले उल्लेख किया जा चुका है, ई, पू.  की प्रथम तथा द्वितीय शताब्दी के उत्तरार्ध में अपनी मुद्रा चला कर भारतीय इतिहास में ख्याति प्राप्त की। उन सिक्कों को उनके रूपांकनों के आधार पर अनेक वर्गों में बांटा जा सकता है। कुछ पर चक्र वृक्ष, कुछ पर ध्वज और सूर्य तथा कुछ पर

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हरियाणा का इतिहास-मुगल साम्राज्य की स्थापना

बुद्ध प्रकाश पंजाब के दुर्गपाल, दौलत खां लोदी ने मुगल सरदार, ज़हीरुद्दीन बाबर को भारत पर आक्रमण करने के लिए उकसाया। परन्तु बाबर ने सर्वप्रथम 1525 में अपने आमंत्रक के प्रदेश पंजाब पर ही अपना आधिपत्य जमाया। अगले वर्ष वह दिल्ली की ओर बढ़ा तथा 12 अप्रैल 1526 को पानीपत के युद्धक्षेत्र में सुलतान शासक की सेना से उसका सामना

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