Author: अरुण कैहरबा

हरियाणा का हाल

Post Views: 165 अरुण कुमार कैहरबा हरि के हरियाले प्रदेश हरियाणा का हाल सुणो, खरी-खरी कड़वी-सी बात और चुभते हुए सवाल सुणो। दूध-दही के खाणे वाला मीठा-मीठा गीत कहां सै,

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हरियाणा में स्कूली शिक्षा दशा और दिशा- अरुण कुमार कैहरबा

अधिकतर निजी स्कूलों के पास ना तो खेल के मैदान हैं, ना ही बच्चों की संख्या के अनुकूल बड़ा प्रांगण। कमरों के आकार छोटे हैं। कइ अध्यापकों के पास बुनियादी प्रशिक्षण नहीं है। स्कूलों के मालिक और प्रबंधकों की मुनाफाखोरी अलग से आफत है। अधिकतर निजी स्कूलों में पढ़ा रहे प्रशिक्षित और गैर-प्रशिक्षित अध्यापकों का मानदेय इतना कम है कि वे मुश्किल से गुजारा कर पाते हैं। तमाम पहलुओं के बावजूद समय का यथार्थ यही है कि निजी शिक्षा संस्थान लगातार बढ़ रहे हैं। सरकार द्वारा भी उन्हें संरक्षण दिया जा रहा है। जबकि सरकारी स्कूलों की उपेक्षा हो रही है। … Continue readingहरियाणा में स्कूली शिक्षा दशा और दिशा- अरुण कुमार कैहरबा

घुमंतु जीवनः सिकलीगर समुदाय -अरूण कुमार कैहरबा

Post Views: 293 कभी कारीगरी थी शान, आज रोटी का नहीं इंतजाम विकास के दावों के बावजूद आज भी बहुत से समुदाय आर्थिक-सामाजिक पिछड़ेपन के अंधकूप में जीवन-यापन कर रहे

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राजकीय प्राथमिक पाठशाला नन्हेड़ा – अरुण कुमार कैहरबा

Post Views: 234 अक्सर शिक्षा को लेकर सरकारी स्कूलों पर तोहमतें लगाई जाती हैं। अनेक खूबियों के बावजूद सरकारी स्कूलों को निजी स्कूलों की तुलना में कमतर बताया जा रहा

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