हरियाणा सृजन उत्सव को लेकर रचनाकारों एवं कलाकारों में खासा उत्साह

कुरुक्षेत्र 7 फरवरी 2019

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के आर के सदन में 9 10 फरवरी को हरियाणा सृजन उत्सव के आयोजन के संदर्भ में आज सेंट्रल कंटीन, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में प्रेस वार्ता का आयोजन किया। इस अवसर पर जानकारी देते हुए देस हरियाणा के संपादक व हरियाणा सृजन उत्सव के संयोजक प्रोफेसर सुभाष सैनी ने विभिन्न समाचारपत्रों के प्रतिनिधियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यह तीसरा हरियाणा उत्सव है इससे पहले 2017 2018 में भी इस तरह के उत्सव हो चुके हैं। इन उत्सवों में देशप्रदेश के प्रख्यात साहित्यकारों, रंगकर्मियों, फिल्मअभिनेताओं ने हिस्सा लिया है। इसमें 400 से 500 के बीच में कलाकारसाहित्यकार भाग लेते हैं।

उन्होंने बताया कि सृजन उत्सव देश का ऐसा अनोखा आयोजन है, जोकि कवियों, लेखकों, कलाकारों व रंगकर्मियों के आपसी सहयोग से आयोजित होता है। उन्होंने कहा कि पिछले दो सृजन उत्सव ने देश के सांस्कृतिक माहौल में ऐतिहासिक पहचान बनाई है। इन उत्सवों में भारी संख्या में लेखकों एवं संस्कृतिकर्मियों के साथ आम जन की भागीदारी यह सिद्ध करती है कि लोगों में स्वस्थ संस्कृति, चिंतन एवं मनोरंजन की उत्कट चाह है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सृजन उत्सवों ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है। जो लोग हरियाणा को खाप पंचायतों के तुगलकी फरमान, कन्या भ्रूण हत्याओं, असमान लिंगानुपात और दलित उत्पीडन के लिए जानते थे, वे आज हरियाणा की सृजनात्मक प्रतिभाओं और सकारात्मक रचनात्मक माहौल से भी अवगत हो रहे हैं। उत्सव में भाग लेने के लिए देशप्रदेश के रचनाकारों एवं कलाकारों में खासा उत्साह है।

प्रोफेसर सुभाष चन्द्र ने जानकारी देते हुए बताया कि 9 फरवरी को उत्सव का शुभारंभ बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय से सेवानिवृत्त प्रोफेसर एवं प्रख्यात समालोचक चौथी राम यादव करेंगे। वेसृजन की परंपराएं, सरोकार एवं चुनौतियांविषय पर वक्तव्य देंगे।अहा जिंदगीके पूर्व संपादक, प्रख्यात पत्रकार व लेखक आलोक श्रीवास्तववर्तमान दौर की चुनौतियां और सृजनविषय पर  समापन वक्तव्य देंगे।

सृजन उत्सव में लोक भाषाओं का राष्टीय कवि सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें रामसरुप किसान (राजस्थानी), नीतू अरोड़ा (पंजाबी), आत्मारंजन (पहाड़ी), रिसाल जांगड़ा, मनजीत भोला (हरियाणवी), प्रोफेसर राजेंद्र गौतम, हरेराम समीप, ब्रजेश कठिल (हिंदी) सहित हरियाणा के अनेक लोक कवि हिस्सा लेंगे।

उत्सव के दौरान हरियाणा के प्रसिद्ध शायर हाली पानीपती एवं निबंधकार बाल मुकुंद गुप्त के साहित्य पर राष्ट्रीय सेमिनार होगा। जिसमें उर्दू के मशहूर शायर महेंद्र प्रताप चांद,  हरियाणवी कवि, पत्रकार व बालमुकुंद यादगार समिति से जुड़े सत्यवीर नाहड़िया, हाली पानीपती पर डाक्यूमेंट्री निर्माता डा. कृष्ण कुमार व जनवादी लेखक संघ हरियाणा के महासचिव रोहतास समेत शोधार्थी अपने विचार रखेंगे। अपनी परंपरा की पहचान व उससे जुड़ाव के लिए यह संगोष्ठी महत्वपूर्ण होगी।

इस दौरान हरियाणा की मनोरंजन व्यवसाय पर खुली चर्चा होगी इसमें पॉप संगीत, फिल्में, वेब सीरीज, रागनी कंपीटिशन या मनोरंजन के अन्य माध्यमों पर परोसे जा मनोरंजन के आर्थिकसांस्कृतिक पहलुओं पर गंभीर विमर्श होगा. और यह बहस चलेगी श्रोताओंदर्शकों की ओर से। मोनिका भारद्वाज, रोशन वर्मा, विक्रम दिल्लोवाल, दीपक राविश, इकबाल सिंह, उभरते चिंतक तो इसमें भाग लेंगे।  सुमेल सिंह सिद्धू, (इतिहासकार निदेशक इदारा 23 मार्च), हरविंद्र मलिक (डायरेक्टर एंडी हरियाणा),कमलेश भारतीय, (वरिष्ठ साहित्यकार पत्रकार)  संस्कृति के क्षेत्र में दशकों से कार्यरत अनुभवी जीवंत बहस में शामिल होंगे।

उत्सव का एक सत्रयुवा सृजनः संवेदना, संकल्प और संकट पर केन्द्रित होगा, जिसमें देश प्रदेश के युवा लेखक अपने अनुभवों के साथसाथ सृजन के समक्ष रहे संकटों पर भी विचार रखेंगे। इसमें संदीप मील(कहानीकार, जयपुर), नीलोत्पल (कवि, उज्जैन), कैलाश भारतवासी (हिन्दयुग्म प्रकाशन), एम.एम. चंद्रा (उपन्यासकार, गाजियाबाद) प्रज्ञा रोहिणी (कथाकार, दिल्ली), अरुण कुमार (दिल्ली), कुलदीप कुणाल (नाटककार, हरियाणा) व अमित मनोज (कवि, कहानीकार व आलोचक) भागलेंगे।

देश के जानेमाने अभिनेता एवं रंगकर्मी यशपाल शर्मा अपनी रंगयात्रा प्रस्तुत करते हुए अपने पसंदीदा पांच नाटकों पर अपने अनुभव सांझा करेंगे।

9 फरवरी को सांस्कृतिक संध्या में हिंदीउर्दू के मशहूर रचनाकार कृश्नचंदर की कहानीजामुन का पेड़पर आधारितहम देर करते नहीं, हो जाती है नाटक मंचन होगा। जिसका निर्देशन चंडीगढ़ थियेटर विभाग से शिक्षित प्रख्यात रंगकर्मी कृष्ण नाटक ने किया है। इसके अलावा रागणियां, नृत्यएवंअन्यसांस्कृतिकप्रस्तुतियांकीजाएंगी।

देस हरियाणा पत्रिका अंक 21 सहितहरियाणाकेरचनाकारोंकीअनेकपुस्तकोंकालोकार्पणकियाजाएगा।

इस अवसर पर देस हरियाणा पत्रिका की टीम से जुड़े डा. विजय विद्यार्थी, सुनील कुमार थुआ, राजेश कासनिया, प्रदीप स्वामी, रजत, जसविंद्र, रानीउपस्थितथे।

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