दीया

संगीता बैनीवाल

सारे दीखैं तोळा-मासा
मैं तो बस रत्ती भर सूं
माटी म्ह मिल ज्यां इक दिन
माटी तैं फेर बण ज्यां सूं
जितना नेह-तेल भरोगे
उतनी राह रोशन कर ज्यां सूं
धरो बाती जिब मेरे हिया पै
हंसते-हंसते जळ ज्यां सूं
फर्क जगहां का देखे बिन मैं
मरघट म्हं बी जळ ज्यां सूंमैं बांट रोशनी औरां नै
खुद आप तिमिर म्हं घिर ज्यां सूं

सम्पर्क: 09417011424

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