टैटू -जसबीर सिंह लाठरों

जसबीर सिंह लाठरों

ये कैसा फैशन आया है, जिसको देखो उसी ने टैटू गुदवाया है
जिसकी हड्डियों पे माँस नहीं है उसने नरसिम्हा का टैटू बनवाया है
किसी ने अपनी हथेली पर टैटू से फूलों की बेल खिलाई है
किसी ने अपने पैरों पर रंगीन तितली उड़ाई है
किसी ने गल्फ्रेंड का नाम लिखवाकर, प्यार की रस्म निभाई है
किसी ने अपनी गोरी चमड़ी टैटू से काली करवाई है
किसी ने काली भुजाओं पर काले रंग का बिच्छू बनवाया है
दोनों का रंग काला होने पर नज़र नहीं वो आया है
कोई स्पाइडर मैन का टैटू छपवाकर, हरदम उड़ने को रहता है
खुद को सुपर हीरो समझकर कीचड़ के गढ्ढे में ढहता है
कोई अंडर टेकर का टैटू बनवाकर ग्रेट खली को ललकारता है
ग्रेट खली अपने दुश्मन को पटक-पटक के मारता है
किसी ने चेहरे पर जंगली बिüी बनवाकर, अपना रूप बिगाड़ा है
किसी ने अपनी सिकुड़ती छाती पर त्रिशूल का टैटू गाड़ा है
कोई नाक पर ड्रैगन छपवाकर मेड इन चाईना सा दिखता है
कोई गर्दन पर साँप बनवाकर सपेरा बना सा फिरता है
कोई अपने कुल्हों पर हीरोइन की फ़ोटो गुदवाता है
कोई अपनी कमर पर बाज़ बना टैटू दिखाता है
किसी ने मोटे पेट पर शंकर का डमरू बनवाया है
दारू पीकर, हुड़दंग मचाकर हरिद्वार से कावड़ लाया है
कोई अपनी बाँहों पर बब्बर शेर बनवाना चाहता है
उसके कमज़ोर डोलों पर केंचुआ ही बन पाता है
कोई हाथों पर ओइम् तत्सत लिखवाकर प्रेम-सौहार्द का सन्देश लाता है
कोई धर्म के ठेकेदारों का टैटू बनवाकर  समाज में आग फैलाता है
देश के नौजवानों को जस्सबीर तुम ये फ़रमाओ
भगत सिंह और चन्द्रशेखर का टैटू भी तुम बनवाओ

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