जय बोलो संत रविदास की

बसाऊ राम

करके एकता बात करो सब इकलास की
सारे मिले जय बोलो संत रविदास की

माह की पूर्णमासी 1433 में जन्में थे आप
करमा देवी माता थी रघुजी थे बाप
लोना देवी धर्मपत्नी करे भक्ति के जाप
रामानंद की सेवा करके सिख लिये जप ताप
कबीर भगत बने गुरु माई थी झोंपड़ी घास की

दिन रात करे थे भक्ति कुछ घर का क्लेश
बड़े-बड़े हार मानगे हाथ जोड़े काशी नरेश
नवजागरण का काम किया दिया ज्ञान संदेश
जात-पात, अंधविश्वास का सच्चा दिया उपदेश
जनमानस के मन में बसगे, चाहना अभिलाष की।

समाज सुधार का के काम किए, गाए शुद्ध भजन
सब धर्मों का आदर करते, सुनते थे सभी सजन
ऐसा चाहूं राज मैं मिले सबको अन्न
अमीर-गरीब सम-सभ बसें रविदास रहे प्रसन्न
मन चंगा, कटौती में गंगा, बाणी विश्वास की।

बसाऊ राम जगह-जगह पर सच्चा दिया था ज्ञान तनै
राणा-सांगा ने चितौड़ बुलाया देख्या राजस्थान तनै
मीराबाई बनी चेली खूब किया गुणगान तनै
1584 चितौड़ किले में त्याग दिए थे प्राण तनै
संत शिरोमणी कहलाये, बात इतिहास की

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