ओम सिंह अशफाक

6 दिसंबर 2018 बाबा साहब डा. भीमराव आंबेडकर के परिनिर्माण दिवस के अवसर पर. धर्म और राजनीति विषय पर परिचर्चा में ओम सिंह अशफाक ने गुरु रविदास कबीर दास के माध्यम से अपनी बात कहते हुए जोर दिया कि आचरणगत धर्म ही धर्म का सच्चा स्वरूप है। पाखंड से धर्म विकृत होता है। यदि राजनीति से धर्म जुड़ेगा तो विनाशकारी होगा मानवीय धर्म के लिए भी और समाज के लिए भी।

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