समाजवाद की स्थापना चाहते थे शहीद भगत सिंह

राजविन्द्र सिंह चन्दी 

आल इंडिया लार्यर्स यूनियन जिला कांऊसिल कुरुक्षेत्र ने शहीद-ए-आजम भगत सिंह जयंती के उपलक्ष्य में 27 सितम्बर 2018 को बार रूम जिला न्यायालय कुरुक्षेत्र में शहीद-ए-आजम भगत सिंह के जीवन इतिहास (जीवन वृत) प्रदर्शनी का आयोजन किया। इस प्रदर्शनी में भगत सिंह के बचपन से फांसी देने तक की घटनाओं, जिनमें उनके परिवार की फोटो, लौहार षड्यंत्र केस से संबंधित दस्तावेजों, अखबारों, क्रांतिकारियों की फोटो, जलियांवाला बाग कांड से जु़ड़ी जानकारियों, काकोरी कांड से जुड़े शहीदों और भगत सिंह के विचारों को दर्शाया गया।

इस प्रदर्शनी में भगत सिंह के भतीजे श्री अभय सिंह संधू बतौर मुख्य अतिथि, सुश्री शालिनी सिंह नागपाल जिला एवं सत्र न्यायधीश, सुश्री गुरविन्द्र कौर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश श्री हितेश गर्ग सी.जे.एम. (डी.एल.एस.ए.) सुश्री तजेन्द्र कौर सन्धू पुत्रवधु भगत सिंह ने बतौर विशिष्ट अतिथिगण हिस्सा लिया। प्रदर्शनी का उद्घाटन मुख्य अतिथि श्री संधू ने किया, जिसको सैंकड़ों की संख्या में शाम छः बजे तक वकीलों, क्लर्कों आदि ने देखा। प्रदर्शनी को सभी द्वारा सराहा गया और भविष्य में भी शहीदों से जुड़े कार्यक्रमों को करते रहने का आग्रह किया गया।

प्रदर्शनी के मौके पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए श्री संधू ने कहा कि भगत सिंह छूआछूत व सम्प्रदायिकता के घोर विरोधी थे। उन्होंने इन दोनों समस्याओं पर लेख भी लिखे। वो रूसी क्रांति से प्रभावित थे और भारत में समाजवाद की स्थापना करना चाहते थे। वह शोषण मुक्त समाज की स्थापना के लिए प्रतिबद्ध थे। उन्होंने अन्य क्रांतिकारियों के साथ मिलकर नौजवान सभा की स्थापना की और हिन्दुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन पार्टी में ‘समाजवाद’ शब्द जोड़ा। उन्होंने किरती, प्रताप, वीर अर्जुन आदि पत्रिकाओं व समाचार पत्रों में मैं नास्तिक क्यों हूं, बम का दर्शन, युवक, विश्व प्रेम लेख लिखे। लेकिन शहीद-ए-आजम का खिताब भगत सिंह को लोगों द्वारा दिया गया। सरकार द्वारा उनके विचारों पर चलना तो दूर आज तक शहीद का दर्जा भी नहीं दिया। भगत सिंह के विचार आज ओर ज्यादा प्रासंगिक हो गये हैं।

सभा का संचालन जिला सचिव राजविन्द्र चन्दी व सभा की अध्यक्षता श्री गुरदेव सिंह ने की। सभा को राज्याध्यक्ष श्री गुरमेज सिंह ने भी संबोधित किया। सभा में दीपक मेहता, रवि शर्मा, सोहन लाल सांगवान, चन्द्रजीत सैनी, योगेश करणवाल, पूर्व मैजिस्ट्रेट श्री मेहर सिंह मलिक, डा. ए.एन. मनोचा, श्री श्याम लाल जांगड़ा, वरिष्ठ वकील साहब सिंह सैनी व पूर्व विधायक थानेसर, स्वागत समिति के सदस्य जरनैल रंगा, सोहन लाल प्रतापगढ़, पूर्व सचिव बार एसोसिएशन सन्दीप मदान, पूर्व सह-सचिव रेखा देवी, निवर्तमान सचिव धर्मेंद्र नरभान व उपप्रधान जसविन्द्र पाल सिंह के अलावा 300 के लगभग वकीलों, देस हरियाणा पत्रिका के सम्पादक डा. सुभाष चन्द्र, ओ.पी.ग्रेवाल संस्थान के उपप्रधान डा. ओम प्रकाश, सामाजिक कार्यकर्ताओं निशि गुप्ता, लखविन्द्र ग्रेवाल, संतोष दहिया आदि ने हिस्सा लिया।

इस मौके पर एस.एफ.आई. के कार्यकर्ताओं ने ‘शिक्षा मण्डी’ नाटक का मंचन किया, जन नाट्य मंच के कलाकारों ने क्रांतिकारी गीत गाए व ज्योतिसर के प्रसिद्ध गायक श्री गोगा ज्योतिसर ने भी देश भक्ति गीत गाए। दिशा सांस्कृतिक मंच ने प्रगतिशील साहित्य का स्टाल लगाया। वकीलों ने भगत सिंह से जुड़ी किताबों को इस अवसर पर खरीदा।

संपर्क  –  94162-71188

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