वो जिसने सब पे जादू कर दिया है – बलबीर सिंह राठी

ग़ज़ल


वो जिसने सब पे जादू कर दिया है,
नहीं मेरी तो फिर किस की सदा है।
ये माना मरहले1 हैं रास्ते में,
मगर हमने ये रस्ता ख़ुद चुना है।
वे अपने सुख की खातिर क्यों लड़ेंगे।
हमारे दु:ख से जिन को सुख मिला है।
मरोड़ा वक़्त ने यूँ हर किसी को,
न जाने कौन कैसा हो गया है।
जो बिकने वाले थे वो बिक चुके हैं,
हमारा सरफिरों का काफ़िला है।
ख़िजाओं को उठा लाया जो घर में,
मुझे इक शख़्स ऐसा भी मिला है।
किधर अगला क़दम रक्खूँ बताओ,
भरम ही दूरियों का खुल गया है।
मेरी हर बात पर ईमान लाओ,
मुक्क़द्दस2 है जो मैंने कह दिया है।
लड़ा जो जितनी भारी मुश्किलों से,
उसी निस्बत3 से उसका क़द बढ़ा है।
भयानक शक्ल देने के लिए ही,
हमें ‘राठी’ मरोड़ा जा रहा है।
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  1. अड़चनें 2. पवित्र 3. समानान्तर

 
 

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